विकासनगर,16 नवंबर (आरएनएस)। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय आंदोलन पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले रविवार को कर्मचारियों ने ब्लॉक मुख्यालय में ढोल-नगाड़ों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन उनका अधिकार है, जिसे वह लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को दिल्ली में होने वाले देशव्यापी प्रदर्शन में उत्तराखंड से कर्मचारी बड़ी संख्या में भाग लेने पहुंचेंगे। राष्ट्रीय आंदोलन पुरानी पेंशन बहाली के प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है और इसे हम लेकर रहेंगे। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक देश में दोहरी नीति नहीं चलेगी। विधायक और सांसद दस बार जीते तो उन्हें दस बार पेंशन मिलेगी, जबकि कर्मचारी और अधिकारियों को नई पेंशन योजना का झुनझुना थमा दिया। उन्होंने सरकार को शिक्षक और कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि नई पेंशन और यूपीएस किसी भी कीमत पर नहीं चाहिए। इसका सभी कर्मचारी और शिक्षक एकमत से विरोध करते हैं। अपने खून पसीने की कमाई किसी निजी कंपनी को नहीं सौंप सकते। पुरानी पेंशन बहाल न होने के कारण शिक्षकों, कर्मचारियों को अपनी बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष संतोष गडोही ने कहा कि चाहे वह अर्द्धसैनिक बल का जवान हो, सफाई कर्मचारी हो या अधिकारी, सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि एनपीएस से रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है। देश के तमाम शिक्षकों और कर्मचारियों की मांग है कि कि सरकार उनकी इस ज्वलंत समस्या को गंभीरता से लेकर पुरानी पेंशन बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। जब तक पुरानी पेंशन नीति बहाल नहीं होती, हमें एकजुट होकर संघर्ष जारी रखना होगा। प्रदर्शन करने वालों में कुलदीप तोमर, फतेह सिंह चौहान, विरेंद्र सिंह चौहान, दिनेश कुमार, सत्यजीत चौहान, सुरजीत सिंह, हरीश घलवान, कमल सुयाल, योगेश गुप्ता, बलवीर सिंह, ब्रह्मपाल, बलिराम, नारायण दत्त जोशी, रिजवान हुसैन, दीप्ति माला, शिखा राठौर, उर्मिला डिमरी, पूनम बिश्नोई, अनिता चौहा, विनीता शर्मा, नीलम राज, संदीप राठौर, भजन लाल शाह, हर्ष जमलोकी, नवीन पंत, वरुण कौशिक, राकेश कुमार, अमित महेंद्रू, विकास शर्मा आदि शामिल रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

