महासमुंद/बसना। महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में कुड़ेकेल नाला निर्माण की लंबित मांग को लेकर शनिवार सुबह से ग्रामीणों का उग्र विरोध जारी है। सरायपाली–बसना बायपास स्थित कुड़ेकेल नाला वर्षों से अधूरा होने के विरोध में चार गाँवों के हजारों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। सुबह बसना नगर में शांतिपूर्ण रैली निकाली गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी रैली के रूप में नेशनल हाईवे-53 की ओर बढ़े और पहुँचकर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि अधूरे नाले के कारण बरसात में भीषण जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। नाले का स्तर कम होने और निर्माण अधूरा रहने से आवागमन बाधित होता है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार दुर्घटनाएँ भी हुईं, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिसके चलते आज व्यापक विरोध अनिवार्य हो गया।
करीब 3,500 ग्रामीणों, किसानों, महिला समूहों और स्कूली बच्चों ने आज के प्रदर्शन में भाग लिया। बसना मेन चौक और मुख्य बाजार क्षेत्र में भीड़ जुटी, जिसके बाद सभी ने मिलकर हाईवे की ओर कूच किया। NH-53 पर चक्का जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
सूचना मिलते ही बसना थाना पुलिस, यातायात विभाग और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और समझाइश का प्रयास शुरू किया। प्रशासन ग्रामीणों से बातचीत कर भीड़ को हटाने की कोशिश कर रहा है, पर ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक कुड़ेकेल नाला निर्माण की पक्की घोषणा नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या पिछले 10 वर्षों से बनी हुई है। हर बरसात में सड़कें टूट जाती हैं, खेत डूब जाते हैं और बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाई होती है। कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ। कुड़ेकेल, पोटापारा, मुड़पाहर, जमड़ी, सिरको और बिछियां के ग्रामीण आज संयुक्त रूप से विरोध में शामिल हुए हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने धैर्य बनाए रखने और वार्ता के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने का आश्वासन दिया है।

