—- डीएम ने की 50 लाख से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा।
कुशीनगर, 17 नवम्बर (आरएनएस)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की उपस्थिति में सोमवार को सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति, निर्धारित समय सीमा एवं व्यय की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने कुल योजनाओं में अब तक कितने पूर्ण हुए तथा हैंडओवर किए गए। कितने पूर्ण हैं परंतु हैंड ओवर नहीं हुए तथा अवशेष लंबित योजनाओं की कार्यदाई संस्थावार समीक्षा कर निर्धारित तिथि तक परियोजनाओं को पूर्ण किए जाने तथा किसी कारण बस परियोजनाओं के विलंब होने पर तिथि का एक्स टेंशन कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा खराब प्रगति वाले कार्यों की समीक्षा के अंतर्गत यूपी सीएनडीएस द्वारा कराए जा रहे विभिन्न कार्यों में प्रगति नहीं पाए जाने पर शो काल जारी करने एवं शासन को पत्र प्रेषित किए जाने हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया। समीक्षा के दौरान ए श्रेणी, बी श्रेणी, सी श्रेणी में प्रदर्शित होने वाले निर्माण कार्यों की एक एक कर समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों में मुख्य रूप से पुलिस लाइन में हॉस्टल निर्माण कार्य, रामपुर सोहरौना ताल के निर्माण कार्य, बौद्ध संग्रहालय का निर्माण कार्य, हिरण्यवती नदी के सौंदर्यीकरण का कार्य, दुर्गा मंदिर का निर्माण कार्य, नरसिंह कॉलेज निर्माण कार्य, साइबर थाने का निर्माण कार्य, पशु चिकित्सालयों के निर्माण कार्य, पावा शॉपिंग कॉम्लेक्स निर्माण कार्य, बुद्धा पार्क, नवीन थाना (पर्यटन) निर्माण कार्य सहित सभी 50 लाख से ऊपर के निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा कर तय तिथि के अंतर्गत पूर्ण किए जाने हेतु सभी कार्यदाई संस्थाओं को निर्देशित किया गया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराए जाएं। साथ ही निर्देशित किया गया कि जिन परियोजनाओं के पूर्ण होने की तिथि मार्च – अप्रैल 2026 है। उसे प्रयास कर दिसंबर माह के अंत तक पूर्ण कर लिए जाएं तथा किसी भी स्थिति में कार्य में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन कार्यों की प्रगति धीमी है। उनके भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए और जहां कार्य अपूर्ण हैं। वहां निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। जिलाधिकारी ने कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यालयों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने के उपरांत कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण होने की नियत तिथि अगस्त 2026 है तथा आगामी वित्तीय वर्ष में नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। यह परियोजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। उन्होंने संबंधित को चार्ट उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया ताकि प्रत्येक माह चार्ट के अनुरूप ही समीक्षा की जा सके। समीक्षा के दौरान 50 लाख से कम की परियोजनाओं की समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी ने की। बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, जल निगम सहित सभी कार्यदाई संस्थाओं के साथ जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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