मेरठ 18 नवंबर (आरएनएस )। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सूर्य कान्त त्रिपाठी ने बताया कि जनपद मेरठ में शीत लहरी के दृष्टिगत जन समुदाय में क्या करें क्या ना करें का विस्तृत प्रचार प्रसार कराए जाने संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये है।
शीतलहर/पाला के पूर्व तैयारी-दैनिक मौसम की जानकारी अखबार, टी0वी0, रेडियो एवं मोबाइल फोन के माध्यम से लेते रहें। पर्याप्त सर्दियों के कपड़े स्टॉक करें। कपड़ों की कई परतें अधिक सहायक होती हैं। ठंड के समय फ्लू, नाक बहना या शीतदंश जैसी विभित्र बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, जो आमतौर पर ठंड के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं। ऐसे लक्षणों के लिए तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। एन0डी0एम0ए0 में द्वारा जारी किया गया मोबाइल एप्लीकेशन यथा फॉस्ट एवं सचेत डाउनलोड करें।
शीतलहर/पाला के दौरान- मौसम की जानकारी का बारीकी से पालन करें और सलाह के अनुसार कार्यवाही करें। ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचने के लिए घर के अंदर रहें और यात्रा कम से कम करें। अपने शरीर को सूखा रखें एवं गर्म कपड़ों से ढक कर रखें। अपने सर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को मुख्य रूप से ढके। पर्याप्त रोग प्रतिरोधक शक्ति और शरीर के तापमान के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्वस्थ भोजन, विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। शरीर को गर्म रखने हेतु गर्म पेय पदार्थों एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें। शीत लहर के समय बुजुर्गों नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। अपने आस पड़ोस में अकेले रहने वाले बुजुर्गों का भी ध्यान रखें।
क्या न करें-शीत लहर के दौरान पशुओं को खुले में न बांधे/घूमाएं। शीत लहर के दौरान पशु मेले आयोजित न करें। पशुओं को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुंआ इक_ा न होने दें। मृत पशुओं के शवो को पशुओं के नियमित चरने वाले मार्गों पर नहीं फेंकना चाहिए।
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