धमतरी 31 मई (आरएनएस) आर्थिक तंगी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से दूर रह जाने वाले युवाओं के लिए धमतरी से एक बड़ी और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। धमतरी पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग और सिविक एक्शन के तहत “पुलिस की पाठशाला” नाम से निःशुल्क पुस्तकालय एवं बुक बैंक की शुरुआत कर शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय लिख दिया है। यह पहल जरूरतमंद और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर उनके सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगी।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने विधिवत फीता काटकर “पुलिस की पाठशाला” का शुभारंभ किया। पुस्तकालय का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने इस पहल को पुलिस और समाज के बीच विश्वास, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसी पाठशालाएं शुरू होनी चाहिए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि धमतरी पुलिस की टैगलाइन “जन सेवा, सुरक्षा, विश्वास” को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह केवल पुस्तकालय नहीं बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। यहां UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, रक्षा सेवाएं, व्यापम, शिक्षक भर्ती, पटवारी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और संदर्भ ग्रंथ निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों को इंटरव्यू गाइडेंस, व्यक्तित्व विकास, स्पोकन इंग्लिश, डिक्शनरी, रेफरेंस बुक्स और मोटिवेशनल साहित्य जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने युवाओं से पुस्तकों को अपना सबसे अच्छा मित्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान ही सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि जो युवा पुस्तकों से जुड़ते हैं, वे जीवन में निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। वहीं डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और ज्ञान समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं तथा यह अभियान जरूरतमंद युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस जनहितकारी अभियान में समाज ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। रेड क्रॉस सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, इनरव्हील क्लब, चैंबर ऑफ कॉमर्स, यूथ हॉस्टल, शिक्षक संघ, पुलिस पेंशनर संघ, विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों सहित अनेक समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में पुस्तकें दान कर सहयोग किया। कार्यक्रम के दौरान विशेष योगदान देने वाले समाजसेवियों, संस्थाओं और अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, आईपीएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की प्रमुख ज्योति गौतम, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, शिक्षाविद, पुलिस पेंशनर्स परिवार, सेवानिवृत्त सैनिक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि धमतरी पुलिस का संकल्प है कि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। “पुलिस की पाठशाला” आने वाले समय में जिले के हजारों युवाओं के लिए ज्ञान, मार्गदर्शन और सफलता का केंद्र बनेगी तथा पुलिस और समाज के बीच विश्वास की नई मिसाल कायम करेगी।


