रायपुर 31 मई (आरएनएस) जनता की शिकायतें अगर दफ्तरों की फाइलों में दबती रहीं तो अब जवाबदेही तय होगी। बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अमले को स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सुशासन की असली पहचान जनता के प्रति संवेदनशीलता, जवाबदेही और त्वरित समाधान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिक को अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और हर शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अन्य जिलों के अधिकारियों से भी संवाद किया और योजनाओं की जमीनी प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को जनता और शासन के बीच भरोसेमंद सेतु बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की उच्च स्तर पर निगरानी होगी और लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। राजस्व प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए। साथ ही रिकॉर्ड में जानबूझकर त्रुटियां करने वाले कर्मचारियों और पटवारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, खरीफ सीजन की तैयारियों, खाद-बीज उपलब्धता और किसानों के हितों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है तथा अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिला सशक्तिकरण के तहत अधिक ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
शिक्षा की गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का हर निर्णय जनता के हित में दिखाई देना चाहिए। बैठक के अंत में उन्होंने अधिकारियों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ काम करने का आह्वान किया। बहरहाल, मुख्यमंत्री का संदेश साफ है—जनता की परेशानी अब केवल शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासन की परीक्षा है और इस परीक्षा में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

