भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करें-जगद्गुरू परमहंस
मुस्लिम-ईसाई राष्ट्रीयता खत्म करने की मांग
सुलतानपुर 18 नवंबर (आरएनएस )। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने एक बार फिर बड़ा और विवादित बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। हरिपुर बनवा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे आचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत को तत्काल हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए और मुस्लिमों व ईसाइयों की राष्ट्रीयता समाप्त की जाए। आचार्य यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि आगामी आम चुनाव में बीजेपी 400 से अधिक सीटें हासिल करेगी और बिहार के ताज़ा चुनाव परिणामों को राष्ट्रवादी संदेश बताया।
6 करोड़ घुसपैठियों का आरोप-
परमहंस आचार्य ने कहा कि देश में करीब 6 करोड़ मुस्लिम घुसपैठिए रह रहे हैं, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार से आए हैं। आरोप लगाया कि जब तक खुफिया एजेंसियां इन्हें चिन्हित कर देश से बाहर नहीं करतीं, आतंकवाद कभी समाप्त नहीं होगा। उन्होंने मुस्लिम समुदाय पर कठोर टिप्पणी करते हुए कहा कि चाहे शिक्षित हो, अनपढ़ हो, डॉक्टर हो या मुल्ला, जहां भी रहेगा भारत विरोधी काम करेगा।
अंबेडकर का हवाला देकर कहा- अब हम उनके विचार पूरे करेंगे
परमहंस आचार्य ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुस्तक ‘पाकिस्तान ओर दी पारटीशन आफ इंडियाÓ का जि़क्र करते हुए दावा किया कि अंबेडकर ने मुस्लिमों और ईसाइयों को आंख की किरकिरी बताया था। आचार्य बोले, अब हमने उन विचारों को पूरा करने का निश्चय कर लिया है।
गौहत्या और पुरानी सरकारों पर हमला
उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर संस्कृति विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि इसी कारण वर्षों से गौहत्या पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई। इंदिरा गांधी के दौर की 1966 की घटना का हवाला देते हुए आचार्य ने कहा कि गौहत्या बंदी की मांग करने पर संसद भवन के बाहर लाखों निर्दोषों पर गोलियां चलाई गई थीं।
मोदी सरकार पर जताई उम्मीद
परमहंस आचार्य ने दावा किया कि पांच साल के भीतर गौवंश राष्ट्रीय पशु घोषित होगा और भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
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