इस्लामाबाद ,19 नवंबर। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारतीय सेना की संभावित कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार सैन्य अभियान चला सकता है और पाकिस्तान भारतीय सेना प्रमुख के हालिया बयान को हल्के में नहीं ले सकता।
यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद बंद करने की कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि 88 घंटे का ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ सिर्फ एक ‘ट्रेलर था, और भविष्य में परिस्थिति बनने पर भारत अपने पड़ोसी देश को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने के लिए तैयार रहेगा।
एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में आसिफ ने भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए कहा कि अफगानिस्तान की तरफ से होने वाली घुसपैठ में भारत की भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब, यूएई, ईरान, चीन समेत कई देश पाकिस्तान में सीमा पार हमलों को रोकना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान को ‘आतंकवादियों के ठिकानेÓ के रूप में वर्णित किया।
आसिफ का कहना था कि भारत नहीं चाहता कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान आपसी मुद्दों का समाधान कर लें। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान दो मोर्चों पर उलझ सकता है, जबकि ऐसी स्थिति में भारत संघर्ष से बच सकता है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग भारत को उसके ‘पूर्व अपमानÓ की याद दिलाते हैं, जिससे पाकिस्तान भारत पर भरोसा नहीं कर सकता। उनके अनुसार भारत सीमा पार हमला करने की कोशिश भी कर सकता है।
गाजा मुद्दे को लेकर आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय शांति बल में शामिल होना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अब्राहम समझौते में शामिल होने की कोई योजना नहीं रखता और इस समझौते पर उसकी स्थिति एकदम स्पष्ट है।
उन्होंने जोर दिया कि जब तक दो-राज्य समाधान लागू नहीं होता, पाकिस्तान अपना रुख नहीं बदलेगा। ख्वाजा आसिफ ने बढ़ती जनसंख्या को एक गंभीर चुनौती करार देते हुए कहा कि यह एक ‘टिक-टिक करता हुआ खतराÓ बन रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में सबसे प्रभावशाली संस्था नौकरशाही है, और जब तक शक्ति निर्वाचित प्रतिनिधियों को नहीं सौंपी जाती, तब तक समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
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