बिलासपुर 21 नवम्बर 2025(आरएनएस) नगर में एजुकेशन हब का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। नगर निगम प्रशासन ने इसके लिए स्थानीय दयालबंद में 16 एकड़ जमीन का चयन किया है। इस परियोजना का उद्देश्य हजारों छात्रों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है, जो वर्तमान में शहर के 52 से अधिक कोचिंग संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
निर्माण का उद्देश्य छात्र कल्याण
दरअसल, दिल्ली में एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे में तीन छात्रों की मौत के बाद प्रशासन ने बिलासपुर में सर्वेक्षण कराया। जिसके आधार पर इस एजुकेशन हब की योजना बनाई गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली हादसे और देश के अन्य स्थानों पर अग्निकांड की घटनाओं के बाद शहर के सभी कोचिंग संस्थानों का सर्वेक्षण किया गया।
प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट में सुविधाएं नदारद
इस सर्वेक्षण में बिजली, आग, पानी से बचाव, बुनियादी सुविधाओं और भवन की मजबूती से संबंधित कई समस्याएं सामने आईं। सर्वेक्षण में यह भी पता चला कि शहर के कुल 52 कोचिंग संस्थानों में से केवल 3-4 संस्थानों के पास ही अपनी खुद की इमारतें हैं। शेष 48 संस्थान किराए के कमरों में चल रहे हैं, जहां छात्रों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
27 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर पर कार्य शुरू
एजुकेशन हब के निर्माण के लिए डीएमएफ से 15 करोड़ रुपए और नालंदा परिसर के मद से 12 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। कुल 27 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
केंद्र से ग्रांट के लिए प्रेजेंटेशन
जानकारों के मुताबिक, एजुकेशन हब और नालंदा परिसर की योजना 100 से 120 करोड़ के करीब है। केंद्र सरकार की एसएएस योजना के अंतर्गत विकास की अहम योजनाओं के लिए अनुदान दिया जाता है। इसके लिए नगर निगम कमिश्नर ने मंगलवार को नई दिल्ली के केंद्रीय शहरी एवं आवासन विभाग में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया, जिसके आधार पर आगे डीपीआर की प्रक्रिया शुरू होगी।
एजुकेशन हब में सुविधाएं रहेंगी
इस एजुकेशन हब में 500 सीटों वाली लाइब्रेरी, 700 सीटों वाला ऑडिटोरियम, 300-300 सीटों वाले तीन एकेडमिक ब्लॉक और एक कैफेटेरिया का निर्माण किया जाएगा। एजुकेशन हब का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन में कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।
– अमित कुमार, कमिश्नर
नगर निगम, बिलासपुर

