0 पॉलिथीन मुक्त जिला और डिजिटल फास्टिंग पर दिया जोर
जांजगीर-चांपा, 21 अगस्त (आरएनएस)। अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर जिला प्रशासन और यूनिसेफ ने अनूठी पहल करते हुए 12वीं की छात्रा दीक्षा सारथी को 15 मिनट के लिए जांजगीर-चांपा जिले का प्रतीकात्मक कलेक्टर बनाया। कलेक्टर की कुर्सी पर बैठते ही दीक्षा ने तीन जनहितकारी प्रस्तावों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी जारी कर दिए।
शुक्रवार सुबह 11 बजे निजी स्कूल की छात्राओं का दल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहां उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराया गया। इसी दौरान 12वीं की छात्रा दीक्षा को कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। पदभार संभालने के बाद दीक्षा ने जिले में ‘डिजिटल फास्टिंगÓ को बढ़ावा देने, पॉलिथीन मुक्त जिला बनाने और एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी जन्मेजय महोबे ने इस पहल को छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ग्रामीण क्षेत्र के निजी स्कूल में पढऩे वाली दीक्षा ने इससे पहले कभी कलेक्टर से सीधी मुलाकात तक नहीं की थी, लेकिन बाल दिवस पर मिले इस अनुभव ने उनमें नई ऊर्जा भर दी है। दीक्षा ने अब यूपीएससी की तैयारी कर भविष्य में आईएएस बनने का लक्ष्य तय कर लिया है।
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