कवर्धा, 22 नवंबर (आरएनएस)। रेंगाखार जंगल स्थित माध्यमिक एवं हाई स्कूल परिसर में शुक्रवार दोपहर अचानक तीन छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना लगभग 12.30 बजे हुई, जब छात्रावास में रहने वाली दो माध्यमिक व एक हाई स्कूल की छात्रा अचानक चीखने, रोने और कांपने लगीं। स्टाफ उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा।
स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉक्टर ने कुछ देर तक जांच की, लेकिन सही स्थिति समझ नहीं सके। बताया गया कि डॉक्टर की यह पहली नियुक्ति है और ऐसे मामलों का अनुभव नहीं है। इसी दौरान छात्रावास की अधीक्षिका राधिका खुसरे अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने इसे ‘आध्यात्मिक प्रभावÓ बताते हुए एक बैगा को बुला लिया। अस्पताल परिसर के एक हिस्से में बैगा ने पहले टोटका किया और फिर छात्राओं पर झाडफ़ूंक शुरू कर दी। दो घंटे तक यह क्रम चलता रहा, लेकिन छात्राओं की हालत में खास सुधार नहीं हुआ।
मामले की जानकारी मिलने पर अभिभावक अस्पताल पहुंचे और अपनी बेटियों को साथ ले गए। छात्रावास तथा स्कूल में इस तरह की घटनाओं से अन्य छात्राओं में डर और तनाव बना हुआ है।
पिछले पांच दिनों में यह तीसरी बार ऐसा मामला सामने आया है। 15-16 नवंबर को भी 8 से 10 छात्राएं बेहोश हो चुकी थीं। उस समय भी अधीक्षिका ने इसे भूत-प्रेत से जोड़कर छात्राओं को घर भेज दिया था। स्कूल में भी पहले 2-3 बार इसी प्रकार की स्थिति दर्ज हो चुकी है।
अधीक्षिका राधिका खुसरे का दावा है कि यह ‘अलौकिक बाधाÓ है और वह झाडफ़ूंक से ऐसे मामलों को ठीक कर चुकी हैं। उधर, बोड़ला के बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा कि अस्पताल में इस तरह की गतिविधि अनुचित है और मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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