सुकमा, 22 नवम्बर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ शासन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में बाल विवाह की प्रथा को पूर्णत: समाप्त करने के उद्देश्य से 10 मार्च 2024 को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियानकी शुरुआत की गई। अभियान का प्रमुख लक्ष्य बाल विवाह पर पूर्ण रोक लगाते हुए राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना है। इसी क्रम में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव एवं सीईओ जिला पंचायत मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत शुक्रवार को जनपद पंचायत कोंटा के सभाकक्ष में प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गयाकार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, बाल संरक्षण की विभिन्न व्यवस्थाओं, विधि से संघर्षरत बालक, पॉक्सो, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, चाइल्ड हेल्पलाइन, स्पॉन्सरशिप, दत्तक ग्रहण एवं पलायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपाध्यक्ष महोदय के द्वारा उपस्थित सदस्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम में जनपद पंचायत कोंटा की अध्यक्ष कुसुमलता कवासी, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोंटा सुमित ध्रुव, परियोजना अधिकारी कोंटा उत्तम प्रसाद, जिला बाल संरक्षण अधिकारी जितेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को समुदाय स्तर पर बाल विवाह रोकथाम, जागरूकता और संवेदनशीलता लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया।
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