लखनऊ,22 नवंबर (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग बिना किसी तैयारी और बुनियादी व्यवस्थाओं के एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) करा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ को समुचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया और आयोग को सभी राजनीतिक दलों के लिए स्पष्ट एसओपी जारी करनी चाहिए। साथ ही एसआईआर की अवधि बढ़ाने की मांग की।अखिलेश ने कहा कि भाजपा और उसके प्रभाव वाले अधिकारी 2024 के लोकसभा चुनाव में जहां-जहां समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने जीत हासिल की है, उन्हीं सीटों पर विशेष रूप से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 हजार वोट हटाने की योजना बना रही है और इसी तरह का षड्यंत्र पश्चिम बंगाल में भी चल रहा है। उनका कहना था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा और चुनाव आयोग की सबसे ज्यादा निगाह उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल पर है।अखिलेश ने बिहार चुनाव का संदर्भ देते हुए कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश और बंगाल में बड़ी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आयोग से निष्पक्षता की अपेक्षा रखती है और यह जरूरी है कि आयोग शिकायतों पर कार्रवाई करे। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदेश में हुए विधानसभा उपचुनाव और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में रही और समाजवादी पार्टी द्वारा की गई शिकायतों पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी ने उन सभी वोटरों की सूची आयोग को सौंपी थी जिनके नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए गए थे या गलत तरीके से इधर-उधर किए गए थे। कुछ जिलाधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण देने की कोशिश की गई, लेकिन जब उनसे सवाल पूछे गए तो किसी के पास कोई ठोस जवाब नहीं था।अखिलेश ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में बीएलओ सहयोग नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया। गणना पत्र के फार्म भरने में कई तरह की समस्याएँ आ रही हैं और लोगों को 2003 की मतदाता सूची से जानकारी जुटाने में गंभीर दिक्कतें हो रही हैं। कई बीएलओ एक ही स्थान पर बैठ जाते हैं, जिससे मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को उन्हें ढूँढना पड़ रहा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ मतदाता सूची को सही कराने में जुटें और किसी भी वोट को कटने न दें। उन्होंने कहा कि जो भी शिकायतें मिले, उन्हें तुरंत प्रदेश कार्यालय तक पहुँचाया जाए।अखिलेश ने आरोप लगाया कि कन्नौज सहित कई जिलों में भाजपा योजनाबद्ध तरीके से बड़े पैमाने पर वोट हटवा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और इस साजिश का मुकाबला करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए मीडिया का सहयोग भी बहुत आवश्यक है।भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार एक भी महत्वपूर्ण विकास कार्य नहीं कर पाई है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। अस्पतालों की हालत खराब है, दवाएँ नकली आ रही हैं और गंगा-यमुना जैसी नदियाँ साफ नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि भाजपा न तो वर्तमान की समस्याओं पर बात करती है और न जवाबदेही लेती है, बल्कि या तो हजारों साल पुराने इतिहास में उलझी रहती है या 2047 के भविष्य की बातें करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ी हुई है, पीडि़तों की तहरीर तक नहीं लिखी जाती और अधिकारी भाजपा कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
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