सेन-यारÓ से भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ा
कोलकाता/नई दिल्ली,22 नवंबर (आरएनएस)। देशभर के मौसम में अगले कुछ दिनों में बड़े बदलाव की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर चक्रवाती तूफान ‘सेन-यारÓ का खतरा मंडरा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दिख सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर तूफान बनता है तो यह 27 से 29 नवंबर के बीच लैंडफॉल कर सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तीन बड़े साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक साथ सक्रिय हो गए हैं, जिससे कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है। इन एक्टिव सिस्टम्स की वजह से दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में अगले 3-4 दिनों में लगातार बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। खासकर पश्चिम मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, उत्तर भारत में भी तापमान में गिरावट और हल्का कोहरा पडऩे की संभावना है।मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी और गल्फ ऑफ मन्नार में समुद्र बेहद उग्र रहने की संभावना है। ऐसे मौसम बदलाव के बीच यात्रियों और आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
दूसरा सर्कुलेशन अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक्टिव है, जो लक्षद्वीप और मालदीव के पास है। तीसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूर्व बंग्लादेश और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। ये तीनों सिस्टम मिलकर दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित करेंगे।तमिलनाडु, केरल और महे में 21 से 24 नवंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। अंडमान और निकोबार में 23 और 24 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।पश्चिम और मध्य भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। वहीं उत्तर पश्चिम भारत में तापमान 2-4 डिग्री तक गिर सकता है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 22 और 23 नवंबर को कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है। उत्तर पूर्व भारत में हल्का या मध्यम कोहरा रहने की संभावना है। स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक अगर तूफान बनता है तो यह 27 से 29 नवंबर के बीच लैंडफॉल कर सकता है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान से जुड़ी सटीक जानकारी तभी मिलेगी जब यह सिस्टम 24 नवंबर के आसपास डिप्रेशन या डीप डिप्रेशन के स्तर पर पहुंच जाएगा। अगर यह तूफान बनता है तो यह इस सीजन में बंगाल की खाड़ी का दूसरा चक्रवाती तूफान होगा। आईएमडी के मुताबिक 22 नवंबर को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके 24 नवंबर तक एक अवदाब में परिवर्तित होने की उम्मीद है। स्काईमेट वेदर ने बताया कि अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के उत्तर भाग में बनने वाले तूफान अक्सर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर रुख करते हैं। हालांकि अभी जो सिस्टम बन रहा है वो भूमध्य रेखा के बहुत करीब होने के कारण इसके तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर मुडऩे की संभावना ज्यादा है।
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