गर्व से कहना हम हैं बिहारी, अपनी यही पहचान है : नीतू कुमारी नवगीत
नई दिल्ली ,23 नवंबर (आरएनएस)। भारत मंडपम में आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में बिहार दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने पारंपरिक गीतों के माध्यम से लोगों को बिहार की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराया। कार्यक्रम में उन्होंने उजर बगुला बिन,पिपरो न शोभे कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा, पटना से बैदा बुलाई दा नजरआ गईली गुईंया, राम जी से पूछे जनकपुर की नारी बता द बबुआ लोगवा गीत काहे गारी बता दे बबुआ, मांगी ला हम वरदान हे गंगा मैया, मांगी ले हम वरदान, दमा दम मस्त कलंदर तथा बिहार गौरव गान जिस धरा पर हमने जन्म लिया, वही हमारा मान है ये बिहार की धरती तुझपे जीवन कुर्बान है, हर दिल में बसता प्यार जहां पर, गंगा प्यार की बहती है, नालंदा और बोधगया का गौरव तुझ में समाया है, जिस माटी में पले बढ़े हम, उसका कर्ज चुकाएंगे सहित अनेक पारंपरिक गीतों का गायन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रोताओं ने उनके साथ सुर में सुर मिलाकर गर्व से कहना हम हैं बिहारी, अपनी यही पहचान है गीत को गाया।

