लखनऊ 23 नवंबर (आरएनएस ) उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए बिजली दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि न किए जाने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की जन–केन्द्रित नीतियों, उपभोक्ता हितों के प्रति प्रतिबद्धता और आर्थिक रूप से जनता को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान विद्युत क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका परिणाम है कि उपभोक्ताओं को बेहतर और किफायती बिजली उपलब्ध हो रही है।प्रदेश ने इस वर्ष भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लगातार छठे वर्ष बिजली दरों को यथावत रखते हुए उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने इतनी लंबी अवधि तक उपभोक्ताओं को स्थिर और किफायती दरों का लाभ दिया है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से करोड़ों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य जनता को अनावश्यक आर्थिक दिक्कतों से बचाना है, ताकि घरेलू बजट सुरक्षित रहे और कृषि, व्यापार तथा उद्योग क्षेत्रों पर भी कोई अतिरिक्त भार न आए।उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने घोषणा की है कि घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक, कृषि एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं सहित सभी श्रेणियों के लिए बिजली के टैरिफ आगामी वित्तीय वर्ष में भी बिना किसी बदलाव के लागू रहेंगे। इसका अर्थ है कि किसी भी वर्ग के उपभोक्ता पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं बढ़ेगा। बिजली दरों में स्थिरता से जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की लागत नियंत्रित रहेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार को मजबूती मिलेगी।ऐसे समय में जब देश के कई राज्यों में बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं, उत्तर प्रदेश का यह निर्णय आम जनता को बड़ी राहत देने वाला साबित हुआ है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट इससे सुरक्षित रहेगा, किसानों की सिंचाई लागत नहीं बढ़ेगी और रोज़मर्रा की आय पर निर्भर परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए भी यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि दरें स्थिर रखने के साथ–साथ सरकार लगातार विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और अवसंरचना में सुधार कर रही है। पूरे प्रदेश में पुराने तारों और ट्रांसफॉर्मरों के बदलने, भूमिगत केबलिंग, नई परियोजनाओं की स्वीकृति और आपूर्ति तंत्र को आधुनिक बनाने के कार्य तेजी से जारी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में निरंतर सुधार किया जा रहा है और शहरी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है।ए. के. शर्मा ने कहा कि यह निर्णय स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार उपभोक्ता सुविधा और उनकी आर्थिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बिजली सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें, ताकि जनता को विश्वस्तरीय विद्युत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उनका कहना है कि सरकार आने वाले वर्षों में भी ऐसे निर्णय लेती रहेगी जो आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखें।
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