बीजापुर, 23 नवंबर (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने हाल ही में एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्र
देश के स्कूलों में आवारा कुत्तों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है। इस निर्देश को लेकर शिक्षकों में नाराजगी और विरोध की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच बीजापुर जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कुत्ता बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई में हिस्सा लेता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुत्ते को बच्चों के बीच आगे की पंक्ति में बैठकर शिक्षक की आवाज के साथ सुर मिलाते हुए देखा जा सकता है। यह अनोखा दृश्य सोशल मीडिया में तेजी से फैल गया है और लोग इसे देखकर हैरानी जता रहे हैं।
जारी निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक स्कूल में प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जिनकी जिम्मेदारी होगी कि वे स्कूल परिसर और आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों की जानकारी स्थानीय निकायों या डॉग कैचर अधिकारियों को दें। साथ ही विद्यालयों में कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित न हो।
इसके अतिरिक्त निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी बच्चे को आवारा कुत्ते के काटने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो तत्काल उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया जाए। लोक शिक्षण संचालनालय ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सभी प्रावधानों का पालन शाला स्तर पर सख्ती से किया जाए, ताकि स्कूलों का वातावरण सुरक्षित और विद्यार्थियों के अनुकूल बना रहे।
0

