कांकेर, 23 नवम्बर (आरएनएस)। जिले में धर्मांतरण को लेकर जारी तनाव एक बार फिर सतह पर आ गया है। इस बार विवाद स्थानीय विधायक आशाराम नेताम के गृहग्राम बेवरती में तब शुरू हुआ, जब एक धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया। जानकारी के अनुसार, कांति मेश्राम की तबीयत खराब रहने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजन परंपरा के अनुसार गांव में ही उनका अंतिम संस्कार करना चाहते थे, लेकिन शव के पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर इसका विरोध करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार ने पहले ही धर्म परिवर्तन कर लिया है, इसलिए गांव के पारंपरिक श्मशान या दफन स्थल का उपयोग नहीं कर सकते। परिजनों द्वारा स्वयं की निजी भूमि में अंतिम संस्कार करने का सुझाव भी ग्रामीणों ने ठुकरा दिया, जिससे हालात और तनावपूर्ण होते गए। इसके बाद परिजनों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। *चारामा में भी विरोध की तैयारी, प्रशासन के लिए चुनौती* सूचना मिलने पर प्रशासन ने शव को बेवरती से चारामा ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन पता चला कि चारामा में सर्व हिंदू समाज के कार्यकर्ता पहले से जुटे हुए हैं और वे भी अंतिम संस्कार का विरोध करेंगे। इससे प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे पहले भी कांकेर में इसी तरह के मामले में विरोध के कारण शव का अंतिम संस्कार रायपुर में कराया गया था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर शव को रायपुर भेजकर अंतिम संस्कार कराने के विकल्प पर काम शुरू कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। *दोनों स्थानों पर पुलिस बल तैनात* बेवरती और चारामा क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन माहौल अभी भी संवेदनशील बना हुआ है।
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