बिलासपुर, 25 नवंबर (आरएनएस)। सोमवार सुबह 10 बजे कलेक्टर संजय अग्रवाल ने न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित कई विभागों का अचानक निरीक्षण किया, जिसमें लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आई। बिना पूर्व सूचना किए गए इस औचक जांच में कई दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने कड़ा असंतोष जताया।
प्रशासन ने हाल ही में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश (शनिवार–रविवार) का लाभ देते हुए दफ्तर का समय सुबह 10 बजे तय किया है। इसके बावजूद कई कर्मचारी पुराने ढर्रे पर चलते हुए अब भी 11 बजे के बाद पहुंच रहे हैं। इसी व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए कलेक्टर अग्रवाल ने निरीक्षण किया।
सबसे खराब स्थिति उद्योग विभाग में दिखी, जहां निरीक्षण के दौरान केवल एक चपरासी मौजूद था।
कोषालय एवं लेखा विभाग में तो चपरासी तक नहीं मिला, जिससे कलेक्टर का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा—जब वेतन कटेगा, तब समय की कीमत समझ आएगी। मौके पर ही उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर मंगवाकर जांच की।
इसके विपरीत, श्रम विभाग में अनुशासन का बेहतर उदाहरण देखने मिला। कुल 37 में से 35 कर्मचारी समय पर उपस्थित थे। श्रमायुक्त ने बताया कि बायोमैट्रिक उपस्थिति लागू होने के बाद ही समय पालन में सुधार आया है। कलेक्टर ने अन्य विभागों को श्रम विभाग की कार्यप्रणाली से सीख लेने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई विभाग बायोमैट्रिक मशीन होने के बावजूद इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू की जाए और किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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