मुंबई 26 Nov, : पिछले एक साल से भारतीय शेयर बाजार निवेशकों की कड़ी परीक्षा ले रहा है। हालात यह हैं कि अच्छे फंडामेंटल वाले शेयर चुनने वाले दिग्गज निवेशकों के पोर्टफोलियो भी लाल निशान में रंगे नजर आ रहे हैं। शेयरों के मुकाबले कम जोखिम भरे माने जाने वाले म्यूचुअल फंड्स का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कम से कम 18 इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई डुबो दी है और पिछले 12 महीनों में शून्य या नकारात्मक (निगेटिव) रिटर्न दिया है।
एसीई म्यूचुअल फंड (ACE Mutual Fund) के 31 अक्टूबर 2025 तक के आंकड़ों ने बाजार की कड़वी सच्चाई सामने ला दी है। स्मॉल-कैप, फ्लेक्सी-कैप, ईएलएसएस (ELSS), मल्टी-कैप, फोकस्ड और मिड-कैप जैसी श्रेणियों में फैले ये 18 पिछड़े हुए फंड सामूहिक रूप से करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम मैनेज करते हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन 18 फंडों में से 12 ने निवेशकों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाया है। इस साल इक्विटी सेगमेंट में सबसे ज्यादा मार स्मॉल-कैप योजनाओं पर पड़ी है, जहां सात बड़े स्मॉल-कैप फंड ‘शून्य-रिटर्न’ वाली निराशाजनक सूची में शामिल हो गए हैं।
दिग्गज फंड हाउस भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे हैं। करीब 36,945 करोड़ रुपये की संपत्ति (AUM) के साथ इस श्रेणी का सबसे बड़ा ‘एसबीआई स्मॉल कैप फंड’ 15 नवंबर 2025 तक मात्र 0.6 फीसदी का मामूली रिटर्न ही दे पाया है। वहीं, कोटक स्मॉल कैप फंड में 2.70 फीसदी और एचएसबीसी स्मॉल कैप फंड में 2.20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। टाटा स्मॉल कैप फंड का प्रदर्शन और भी खराब रहा, जिसमें निवेशकों को 6.25 फीसदी का भारी नुकसान झेलना पड़ा। फ्रैंकलिन इंडिया स्मॉल कैप फंड भी बमुश्किल 0.94 फीसदी रिटर्न दे सका।
बाजार की इस सुस्ती का असर केवल स्मॉल कैप तक सीमित नहीं है। क्वांट मल्टी कैप फंड ने महज 0.14 फीसदी रिटर्न दिया, जबकि क्वांट मिड कैप फंड (-0.15%), जेएम फ्लेक्सी कैप फंड (-0.83%) और नया एनजे फ्लेक्सी कैप फंड (-1.26%) निगेटिव जोन में चले गए। इसके अलावा मोतीलाल ओसवाल फोकस्ड फंड और जेएम वैल्यू फंड ने भी निवेशकों को निराश ही किया। इन फंडों का एयूएम 1,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये के बीच है, जो यह दर्शाता है कि छोटे और मझोले आकार के फंड्स भारी दबाव में हैं।
अगर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले फंडों की बात करें तो सैमको फ्लेक्सी कैप फंड इस सूची में सबसे ऊपर है, जिसने पिछले एक साल में 11.32 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की। साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो सैमको फ्लेक्सी कैप फंड ने 15.49 फीसदी, एलआईसी एमएफ स्मॉल कैप फंड ने 10.46 फीसदी और सैमको ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड ने करीब 9 फीसदी का नुकसान कराया है। इन आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि बाजार की मौजूदा अस्थिरता में फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

