नईदिल्ली,26 नवंबर। भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को कहा कि उनके भविष्य का फैसला करना भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का काम है. बाएं हाथ के पूर्व भारतीय ओपनर का यह कमेंट तब आया जब भारत को अपने घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा है.
गंभीर की कप्तानी में यह भारत की दूसरी हार थी, पहली हार 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई थी. लेकिन 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य गंभीर ने यह भी याद दिलाया कि, उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीती थी और इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज 2-2 से बराबर करने में कामयाब रही थी.
ऋषभ पंत की कप्तानी में भारत गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट में साउथ अफ्रीका से 408 रन से हार गया, जो रनों के मामले में उसकी सबसे बड़ी हार थी. भारत कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया पहला टेस्ट हार गया था. गंभीर की कप्तानी में भारत 18 में से 10 टेस्ट हार चुका है, जिसमें पिछले साल न्यूजीलैंड और अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो व्हाइटवॉश शामिल हैं.
गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मेरे भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है लेकिन मैं वही आदमी हूं जिसने इंग्लैंड में आपको नतीजे दिलाए और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए कोच था. उनके अनुसार, दोष सबका है. 0-2 से हार के बाद अपने बचाव में उन्होंने कहा, दोष सबका है और सबसे पहले मुझसे शुरू होता है.
गौतम गंभीर ने आगे कहा, असलियत यह है कि हमें टेस्ट क्रिकेट में सुधार करने की जरूरत है, चाहे वह मानसिक रूप से हो, तकनीकी रूप से हो या दबाव झेलने के मामले में हो. सबसे जरूरी बात यह है कि यह सिर्फ दर्शकों के लिए नहीं है. मैंने पहले भी कहा है कि मुझे ट्रांजिशन शब्द से नफरत है और मैं यहां बहाने बनाने नहीं आया हूं, लेकिन ट्रांजिशन असल में यही है. युवा खिलाड़ी काम करते हुए सीख रहे हैं. आपको उन्हें समय देना होगा.
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 489 रन बनाए. भारत पहली पारी में 201 पर ढेर हो गया. अफ्रीका ने दूसरी पारी 260 पर घोषित कर टीम इंडिया को जीत के लिए 549 रनों का लक्ष्य चौथी पारी में दिया. टीम इंडिया 140 रनों पर ऑलआउट हो गई और 408 रनों के बड़े अंतर से मैच हार गई.
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