कोलकाता/संदेशखाली 26 नवंबर (आरएनएस)। घटना के काफी समय के बाद ही सही लेकिन संदेशखाली में ईडी पर हमले का मुख्यआरोपी अबुल हसन मोल्ला को गिरफ्तार किया गया है। अबुल हुसैन मोल्ला उर्फ दुरंतो की गिरफ्तारी ने एक साल पुराने इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ ला दिया है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार संदेशखाली में ईडी की टीम पर हुए हमले के मुख्य आरोपी अबुल हसन मोल्ला उर्फ दुरंतो को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले वर्ष से फरार था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। सीबीआई ने गुप्त सूचना के आधार पर दक्षिण 24 परगना जिले से उसे गिरफ्तार किया। इस मामले में शाहजहां शेख पहले से ही जेल में है। सीबीआइ की स्पेशल क्राइम ब्रांच(एसीबी) की टीम ने अनुसार, मोल्ला लगातार जांच से बच रहा था और सीबीआई के नोटिसों के बावजूद पेश नहीं हो रहा था। उसके खिलाफ अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। काफी दिनों से फरार था और गुप्त सूचना के आधार पर सीबीआइ ने मोल्ला को गिरफ्तार किया है। इस हमले के मामले में अब तृणमूल से निलंबित नेता शाहजहां शेख इस समय जेल में है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने अबुल हुसैन को मंगलवार रात दक्षिण 24 परगना जिले से उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया। वह बार-बार नोटिस भेजे जाने और स्थानीय अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ।सीबीआई ने आज उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दुरंतो ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की टीम पर हुए जानलेवा हमले का नेतृत्व कर रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने ईडी टीम पर हिंसा करने के लिए भीड़ को उकसाया और उनका नेतृत्व किया था. 5 मार्च 2024 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए इस केस की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी। हाई कोर्ट ने माना था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी का एजेंसी का हस्तक्षेप जरूरी है।

