दुर्ग, 27 नवंबर (आरएनएस)। देश की बेटियाँ आज हर खेल मैदान में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसका ताज़ा उदाहरण बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी वल्र्ड कप है, जहाँ भारतीय महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन की टीम को मात देकर खिताब अपने नाम किया। पूरे देश में इस ऐतिहासिक जीत की खुशी है, वहीं छत्तीसगढ़ में उत्साह और भी ज्यादा है, क्योंकि टीम में राज्य की प्रतिभाशाली बेटी ने नया इतिहास रच दिया है।
कोरबा जिले के समीप स्थित छोटे से कस्बे कारेकसार की *संजू देवी यादव* ने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से उठकर वल्र्ड कप के मंच तक का सफर तय किया है। दिहाड़ी मजदूर माता-पिता की बेटी संजू ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने खेल को निखारा और इस प्रतियोगिता में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का सम्मान हासिल किया।
वल्र्ड कप जीतकर लौटने के बाद संजू देवी यादव आज दुर्ग सांसद एवं छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के संरक्षक *विजय बघेल* के निवास पहुँची, जहाँ सांसद ने उनका स्वागत कर उनका मनोबल बढ़ाया। बघेल ने कहा कि कबड्डी मिट्टी का खेल है, और इसे खेलने वाले खिलाड़ी अक्सर सामान्य और गरीब परिवारों से आते हैं—इसीलिए संजू की उपलब्धि और भी अधिक प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं और उनके भाई शशिकांत बघेल राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं, इसलिए वे संजू की उपलब्धि के महत्व को भली-भांति समझते हैं।
इस दौरान खिलाड़ी संजू यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने सपने को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करती रहीं। उनकी सफलता आज पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।
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