रायपुर, 27 नवंबर (आरएनएस)। जमीन की खरीद-फरोख्त में गाइडलाइन दर बढ़ाने को लेकर उठ रहे विरोध पर राज्य सरकार ने अपनी तरफ से स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। वित्त मंत्री *ओपी चौधरी* ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार गाइडलाइन दर बढऩे ही नहीं देना चाहती थी, क्योंकि कांग्रेस नेताओं की मंशा जमीनों को कम कीमत पर खरीदकर अपने अवैध पैसों को निवेश करने की थी।
वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि शराब, कोयला और महादेव सट्टा जैसे भ्रष्टाचार से हुए धन को जमीन में खपाने के लिए कांग्रेस ने वर्षों तक दरें कृत्रिम रूप से नीचे रखीं। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार ने इस व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है। यदि कहीं तकनीकी खामी होगी तो उसे ठीक किया जाएगा, लेकिन बेवजह का विरोध केवल जनता को भ्रमित करने की कोशिश है।
चौधरी ने कहा कि कम गाइडलाइन दर से सबसे अधिक नुकसान किसानों को होता है, क्योंकि अधिग्रहण के दौरान उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इसके अलावा, मध्यम वर्ग को मिलने वाले होम लोन, रियल एस्टेट सेक्टर की पारदर्शिता और समग्र आर्थिक विकास पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और आम लोगों के हित में दूरगामी लाभ देगा।
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