जशपुर, 27 नवंबर (आरएनएस)। जिले में ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने एक बार फिर गौ तस्करों की कोशिशों पर बड़ा प्रहार किया है। तस्कर इस बार पुलिस को गुमराह करने के लिए टमाटर की सब्जी की आड़ में गौवंशों को ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उनकी योजना विफल हो गई।
थाना फरसाबहार क्षेत्र में पुलिस को रात करीब 3 बजे सूचना मिली थी कि सफेद रंग की पिकअप (क्रमांक छ्व॥-01ष्ठक्त-5773) में बड़ी संख्या में गौवंशों को ठूंसकर झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। तस्करों ने गौवंशों के ऊपर टमाटर से भरी कैरेट रखकर तस्करी को छिपाने की कोशिश की थी। सूचना पर पुलिस ने नाकाबंदी करते हुए वाहन का पीछा शुरू किया। पुलिस को पीछे आते देख चालक पिकअप को तेज गति से भगाने लगा और ग्राम पमशाला के पास वाहन अनियंत्रित होकर खेत में उतर गया। अंधेरे का फायदा उठाकर चालक मौके से फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब वाहन की जांच की तो टमाटर की कैरेटों के नीचे बने शेड में 13 गौवंश ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। इनमें से एक गौवंश की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने मृत पशु का पशु चिकित्सक से पोस्टमॉर्टम कराकर विधिवत अंतिम संस्कार कराया, जबकि बाकी 12 गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है और वाहन के नंबर के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के संबंध में फरसाबहार थाना पुलिस ने धारा 281 बीएनएस तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि तस्कर अब नए-नए तरीके अपनाकर तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का मुखबिर तंत्र और गश्त व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
कार्यवाही में उपनिरीक्षक सुरजन राम पोर्ते, सहायक उपनिरीक्षक भीमसेन टोप्पो, आरक्षक नीरज तिर्की और ईश्वर साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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