० ग्राम नारायणपुर में लगा है पुलिस का उक्त स्टॉल,
० नये कानून में औपनिवेशिक कानून का अंत हुआ है तथा इसमें पीडि़त केन्द्रित न्याय व्यवस्था का प्रावधान किया गया है,
० नये कानून में त्वरित न्याय की अवधारणा है इसके साथ ही अपराधियों के विरूद्ध कठोर सजा के प्रावधान हैं,
० ई-एफआईआर से लेकर न्याय तक सब तय अवधि में,
० स्टॉल में विभिन्न हेल्पलाईन नंबरों का भी प्रदर्शन किया गया ह
जशपुर, 27 नवम्बर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ग्राम नारायणपुर में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर जशपुर पुलिस द्वारा लगाए गए नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित जनजागरूकता स्टॉल पर पहुँचे। स्टॉल का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने सामग्री, प्रस्तुतीकरण और जागरूकता मॉडल की सराहना की एवं कहा कि यह पहल आम जनता तक नए कानूनों को सरल तरीके से पहुँचाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी। यह स्टॉल कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहाँ पुलिस अधिकारी लोगों को नए कानूनों की जानकारी दे रहे थे तथा उनके प्रश्नों का उत्तर सहज भाषा में समझा रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि – ऐसी प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम आम जनता को नए बदलावों से अवगत कराने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इससे पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होता है। पुलिस का यह स्टॉल नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित है, इन नए कानूनों के माध्यम से भारतीय न्याय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सशक्त और न्यायोन्मुख बनाया गया है। नये कानून में आधुनिक तकनीकी साक्ष्य जैसे फिंगरप्रिंट, डीएनए टेस्ट और वॉइस सैंपल अब न्याय प्रक्रिया में कितनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन वैज्ञानिक विधियों के प्रयोग से अपराध की जांच और अधिक सटीक, तेज और निष्पक्ष हो गई है। अब भारतीय कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है। यह बदलाव भारत की न्याय व्यवस्था में एक नई सोच और आधुनिकता की दिशा में उठाया गया मजबूत कदम है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि – जनता इस जागरूकता स्टॉल में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। नए कानूनों में हुए बदलावों को पोस्टर, मॉडल और डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से सरल और रोचक तरीके से समझाया जा रहा है, जिससे लोगों में कानून के प्रति समझ और जागरूकता बढ़ रही है।
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