सारंगढ़-बिलाईगढ़, 27 नवम्बर (आरएनएस)।* शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलौनीकला में छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है। सरकारी योजना के तहत मिली साइकिलों को स्कूल लाने के लिए जिन ट्रैक्टरों का उपयोग किया जा रहा था, उन्हें बच्चों से ही चलवाकर विद्यालय भेजा गया। इस दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में गहरा आक्रोश फैल गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम प्रेमभुवन प्रताप सिंह शासकीय विद्यालय में विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों को योजना के तहत साइकिलें वितरित की गई थीं। लेकिन सलौनीकला विद्यालय प्रबंधन ने साइकिलों को ट्रैक्टर में लादकर ले जाने के लिए बच्चों को ही ट्रैक्टर चलाने के लिए बैठा दिया। भारी वाहन चलाते नाबालिग छात्रों का वीडियो सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अभिभावक सवाल उठा रहे हैं कि बच्चों को भारी वाहन चलाने की अनुमति किसने दी और यदि कोई दुर्घटना हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता। बिना निगरानी और सुरक्षा उपायों के बच्चों को ट्रैक्टर चलवाना विद्यालय प्रबंधन की गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। प्रभारी प्राचार्य कुमार चौहान ने इसे थोड़ी सी गलती बताकर मामला टालने की कोशिश की, लेकिन उनका यह बयान भी विवादों में है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को छोटी गलती बताकर नजऱअंदाज़ नहीं किया जा सकता। स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि साइकिलें सुरक्षित तरीके से विद्यालय पहुंचें। घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कितना सख्त कदम उठाते हैं और क्या जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई होगी, या मामला औपचारिकता में ही सीमित रह जाएगा।
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