० जिला प्रशासन ने भ्रामक खबरों का किया खंडन
० टोकन जारी पर धान नहीं लाया गया, किसानों ने खुद बताया धान तैयार नहीं
सुकमा, 27 नवम्बर (आरएनएस)। जिला प्रशासन ने एक स्थानीय समाचार पत्र में धान खरीदी शुरू नहीं होने से क्षेत्र के किसानों में आक्रोश शीर्षक से प्रकाशित खबर का कड़ा खंडन किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुकमा जिले में 15 नवंबर 2025 से ही धान खरीदी व्यवस्थित रूप से शुरू हो चुकी है और सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। धान खरीदी की शुरुवात में 15 नवंबर को केरलापाल के एक किसान ने समर्थन मूल्य में अपना धान बेचा। जिला खाद्य अधिकारी रवि कोमरा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिले के सभी 25 धान उपार्जन केंद्रों पर 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किसानों द्वारा बेचे जाने वाले शत्-प्रतिशत धान की खरीदी की जाएगी। कोमरा ने सभी किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा, जिले के सभी पंजीकृत किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। किसानों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने उन प्रदर्शनकारी किसानों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिनके कारण किसानों के आक्रोश की खबरें प्रकाशित हुईं थी। जिला प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनकारी समूहों से जुड़े लेम्पस छिन्दगढ़ के 3 और कांजीपानी के 3 कुल 6 किसानों के लिए 27 नवंबर को धान विक्रय हेतु 187 क्विंटल का टोकन जारी किया गया था। इन टोकन धारक किसानों ने टोकन के बावजूद उपार्जन केंद्र में धान नहीं लाया। किसानों से संपर्क करने पर, उन्होंने बताया कि उनका धान अभी विक्रय हेतु तैयार नहीं है। यह तथ्य स्पष्ट करता है कि धान खरीदी में देरी या आक्रोश का कारण प्रशासनिक शिथिलता नहीं, बल्कि किसानों का स्वयं धान विक्रय हेतु तैयार न होना है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और अपनी उपज बेचने के लिए निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्रों पर आएं। सभी केंद्रों पर बारदाने, तौल और भुगतान की समुचित व्यवस्था की गई है।
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