नई दिल्ली 27 नवंबर (आरएनएस)। दिल्ली में हाल ही में CEQUIN (Centre for Equity and Inclusion) संस्था जो महिलाओं, लड़कियों और हाशिये के समुदायों के लिए समानता, सुरक्षा और समावेश सुनिश्चित करने पर कार्य करती है—ने 40 सामुदायिक समूहों के साथ मिलकर ‘जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ़ 16 दिन’ वैश्विक अभियान की शुरुआत की है। इस पहल में युवाओं, महिलाओं, पुरुषों, LGBTQIA+ समुदाय, विकलांग व्यक्तियों, अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों से जुड़े संगठन शामिल हैं, जो महिलाओं के खिलाफ़ हिंसा को समाप्त करने की वैश्विक अपील को दिल्ली के संदर्भ में और सशक्त बना रहे हैं। यह वार्षिक अंतरराष्ट्रीय अभियान 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक दुनिया भर में चलाया जाता है। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र की थीम टेक्नोलॉजी आधारित जेंडर हिंसा (TGBV) पर केंद्रित है, जिसमें साइबरस्टॉकिंग, ट्रोलिंग, डॉक्सिंग, इमेज-आधारित दुर्व्यवहार और डिजिटल निगरानी जैसे नए रूप शामिल हैं। दिल्ली जैसी घनी- आबादी और जटिल सामाजिक संरचना वाले शहर में, ये डिजिटल खतरे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए नई चुनौतियाँ पैदा कर रहे हैं, जो पहले से मौजूद शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक जोखिमों को और बढ़ाते हैं।CEQUIN की सह-संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक लोरा के. प्रभु ने कहा, “डिजिटल टेक्नोलॉजी ने जेंडर आधारित हिंसा के स्वरूप, प्रभाव और विस्तार को पूरी तरह बदल दिया है। AI और डिजिटल एल्गोरिद्म मानव व्यवहार को किस दिशा में ले जा रहे हैं, यह अभी भी शोध का विषय है, और इसी कारण TGBV के मामलों में वृद्धि स्पष्ट दिखाई दे रही है। यदि इन मुद्दों को लैंगिक दृष्टिकोण से नहीं समझा गया, तो महिलाओं, लड़कियों और जेंडर विविध समुदायों पर होने वाला भेदभाव और गहरा हो सकता है। इस जटिल चुनौती से निपटने के लिए संवेदनशील, तकनीकी और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।”
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