रायपुर, 30 नवंबर (आरएनएस)।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को “देश की सामूहिक चेतना का उत्सव” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह प्रेरणादायक संदेश देते हैं।

श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाती है, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान मिलता है। आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा जिन मुख्य विषयों की सराहना की गई, उनमें खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी (357 मिलियन टन), विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, नेचर फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) का महत्व, नौसेना सशक्तिकरण (जैसे INS ‘माहे’ का शामिल होना), और महिला खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन शामिल थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान तथा युवा उद्यमी इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में हुई रिकॉर्ड वृद्धि में छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं के प्रयासों, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणा, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव (जिसमें सऊदी अरब, लातविया आदि देशों की सहभागिता रही), संविधान दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम, और भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने जैसी कई उपयोगी और प्रेरक जानकारियाँ साझा कीं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं, जो हमें ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की सीख देती हैं। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, श्री खुशवंत साहेब और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
क्या आप प्रधानमंत्री के संबोधन में उल्लिखित खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी के आंकड़ों की तुलना पिछले वर्षों से देखना चाहेंगे?


















