बंगाल सहित देश के 12 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में 4 की जगह 11 दिसंबर तक समय
कोलकाता। एसआईआर को लेकर पूरे देश में सबसे ज्यादा हंगामा बंगाल में हो रहा है। कहा जा रहा है कि एसआईआर जल्दीबाजी में किया जा रहा है और ऐसे में काम के दवाब से बंगाल में 33 से अधिक बीएलओ की मौत हो चुकी है। ऐसे में देश के चुनाव आयोग ने आज खासकर बंगाल को कथित तौर पर राहत दी है। आयोग ने एक अधिसूचना जारी कर देश के राज्यों और केंद्र शासित 12 प्रदेशों में चल रहे तीन-स्टेज वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को सात दिनों के लिए बढ़ा दिया है। पहले के तय तारीख के मुताबिक, वोटरों के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने और उन्हें डिजिटाइज़ करने का काम 4 दिसंबर तय किया गया था। नई मियाद के मुताबिक, नई तारीख 11 दिसंबर तय की गई है। पोलिंग स्टेशनों को ठीक करने या फिर से व्यवस्थित करने की तारीख भी 11 दिसंबर तय की गई है। बता दे कि, बंगाल सहित अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़,गोवा,गुजरात, केरल, लक्षद्वीप,मध्य प्रदेश, पुडुचेरी,राजस्थान,तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश में एसआईआर चल रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा बवाल बंगाल में हो रहा है। एसआईआर का का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। एसआईआर के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने केरल सरकार की याचिका पर केंद्र और राज्य चुनाव आयोग से 1 दिसंबर तक जवाब देने को कहा है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।
वहीं, तमिलनाडु में याचिका पर 4 दिसंबर और पश्चिम बंगाल की याचिका पर 9 दिसंबर को सुनवाई होगी। इसी दिन चुनाव आयोग राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट भी जारी करेगा। बेंच ने कहा- अगर राज्य सरकार मजबूत आधार देती हैं तो हम तारीख बढ़ाने का निर्देश दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर पहले कभी नहीं हुआ, तो यह वजह आयोग के फैसले को चुनौती देने का आधार नहीं बन सकती।
एसआईआर चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। बीएलओ घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। एसआईआर के लिए पेंशनर पहचान पत्र, किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र,
राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) में नाम, परिवार रजिस्टर में नाम, जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड जैसे दस्तावेज मान्य हैं।
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