*बिना पूर्व सूचना के पहुंचे ही मचा हड़कंप, दिखी सिस्टम की सच्चाई
लालगंज, मीरजापुर(आरएनएस )। धान क्रय केंद्रों की कार्यप्रणाली को परखने के लिए बुधवार को प्रशासन अचानक मैदान में उतर आया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह बिना पूर्व सूचना के लालगंज इलाके के चार केंद्रों पर पहुंचे तो सिस्टम की असली तस्वीर सामने आने लगी। मौके पर मौजूद किसानों से उन्होंने पंजीयन नंबर से लेकर मोबाइल पर दर्ज खरीद विवरण तक हर बिंदु की तस्दीक की। कई किसानों को वहीं फोन मिलाकर यह भी पूछा गया कि उन्होंने कितना धान बेचा है और केंद्र पर उनकी उपस्थिति सही तरीके से दर्ज हुई या नहीं। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सीधे साधन सहकारी समिति, हाट क्रय केंद्र और लहंगपुर केंद्र पर पहुंचे। रजिस्टर की प्रविष्टियों के साथ किसानों के दावों का मिलान कराया गया। किस किसान ने कितना धान प्रस्तावित किया था और वास्तविक में कितना लेकर आया।इस पर भी अलग-अलग पूछताछ चली।निरीक्षण के दौरान तौल प्रक्रिया, ट्रॉली की प्रतीक्षा अवधि, बारदाना उपलब्धता, धान उठान की स्थिति और केंद्रों पर व्यवस्था की। मजबूत–कमजोर कडिय़ों को बारीकी से देखा गया। धान मिलों को दिए गए उठान कॉन्ट्रैक्ट की स्थिति पर भी जानकारी ली गई और संबंधित अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के कड़े निर्देश दिए गए।इस निरीक्षण के दौरान बीडीओ, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल हिंदल भी साथ रहे। उन्होंने किसानों से अलग से बातचीत कर भुगतान, सुविधाओं और खरीद की वास्तविक स्थिति पर फीडबैक लिया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि किसी भी केंद्र पर अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई तुरंत और सख्त होगी।निरीक्षण में वरिष्ठ विपणन अधिकारी रोहित कुमार सहित अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे।
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