सीएम ने कहा कि, मै बंगाल में किसी की जमीन छूने नहीं दूंगी
जगदीश यादव
माल्दा/कोलकाता 3 दिसंबर (आरएनएस)। एसआईआर के बीच बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से कई माह पहले से ही राजनीति का पारा तपने लगा है। आरोप प्रत्यारोप के बीच माल्दा जिले में एक सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, वह बंगाल की चौकीदार हैं और बंगाल के लोगों को उनके रहते कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं माल्दा की महिलाओं और बहनों को आश्वस्त कर रही हूं, चिंता न करें, किसी को भी डिटेंशन कैंप में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं आपकी सुरक्षा कर रही हूं।Ó उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से छूट गए लोगों के लिए हेल्पडेस्क बना रही है। भाजपा पर वक्फ संशोधन कानून 2025 लाने का आरोप लगाते हुए सीएम ममता ने आगे कहा कि उनकी सरकार किसी की संपत्ति छूने नहीं देगी। ममता बनर्जी ने भाजपा पर धर्म को लेकर सियासत का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि वह धर्म आधारित राजनीति नहीं करतीं। सीएम ने राज्यवासियों से अपील की कि सभी लोग एसआईआर फॉर्म भरें, ताकि किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया न जाए। सीएम ने वक्फ कानून को लेकर भी मुस्लिम समुदाय से कहा कि आप विरोध प्रदर्शन करें लेकिन बंगाल में नहीं। इस कानून को भाजपा ने बनाया है हमने नहीं। ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर में फॉर्म जरूर भरें। नहीं तो नाम काट देंगे। प्रवासी श्रमिकों से भी कह रही हूं कि वे फॉर्म भरें। मुख्यमंत्री ने इस दौरान वक्फ कानून का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून हमने नहीं बनाया, यह भाजपा सरकार का कानून है। हम बंगाल में किसी की संपत्ति पर हाथ नहीं लगाने देंगे।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ ‘सांप्रदायिक ताकतेंÓ धर्म के नाम पर समाज में दरार डालने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन कानून भाजपा लेकर आई है और उनकी सरकार ने न केवल विधानसभा में इसका विरोध कर प्रस्ताव पारित किया, बल्कि सुप्रीम कोर्ट भी गई। ममता ने जनता को आश्वस्त किया कि उनके रहते किसी की जमीन या संपत्ति पर कोई हाथ नहीं डाल सकता और राज्य सरकार किसी भी तरह के धार्मिक टकराव को बढ़ावा नहीं देगी। ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर ज़बरदस्ती और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जोर-जबरदस्ती करके आपातकाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश करोगे, तो लोग कभी माफ़ नहीं करेंगे। आज दिल्ली में सत्ता है, कल नहीं भी रह सकती है। मुख्यमंत्री ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में शुरू की गई है और इसका उद्देश्य लोगों में डर फैलाना है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर अमित शाह ने करवाया है। चालाकी से बड़े काम नहीं होते। लेकिन मैं साफ कह रही हूं कि किसी को डिटेंशन कैंप नहीं जाना पड़ेगा। किसी का नाम नहीं कटेगा। डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा एक ही टैक्स है जीएसटी। केंद्र सारा पैसा उठा ले जाता है। हम लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपये केंद्र से पाने वाले हैं। अब तो सुन रही हूं कि सिगरेट का पैसा भी काट लेंगे। पूरे भारत को कब्ज़ा कर रहे हो, शर्म नहीं आती? उन्होंने कहा कि मैं वोट मांगने नहीं आई हूं। मैं आपकी चिंता दूर करने आई हूं। आप डरें नहीं। किसी का कोई नुक़सान नहीं होने दूंगी। हमेशा आपके साथ खड़ी रहूंगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान लक्ष्मी भंडार सहित कई सामाजिक योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि लक्ष्मी भंडार आजीवन जारी रहेगा। बनर्जी ने कहा कि भाजपा को उन्हें ‘हिंदुत्व सिखानेÓ की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमने दीघा में जगन्नाथ मंदिर और कालीघाट मंदिर और दक्षिणेश्वर में स्काईवॉक का निर्माण कराया है। हम एक दुर्गा आंगन की स्थापना कर रहे हैं और एक महाकाल मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। आपने क्या किया है? सभा को संबोधित करगे हुए ममता ने आगे कहा कि भाजपा ‘खटमलÓ की तरह है। वे तब तक काटते हैं जब तक आप उन्हें हटा नहीं देते। उन्हें राजनीतिक रूप से हटाया जाना चाहिए ताकि बंगाल को अब कोई नुकसान न हो।
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