गरियाबंद, 04 दिसंबर (आरएनएस)। गरियाबंद पुलिस ने दो ऐसे मेडिकल स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया है जिन्होंने जल्दी पैसा कमाने के लालच में धोखाधड़ी तथा ठगी का रास्ता चुना। आरोपियों ने एक व्यक्ति को फर्जी नानबेलेबल वारंट का डर दिखाकर उससे लाख रूपये ऐठ लिया तथा और पैसों के लिए दबाव बनाने लगे जिसके बाद पीडि़त ने इकसी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई। आरोपियो के पकड़े जाने के बाद पता चला कि दोनों आरोपी आदतन ठग जिलके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज है। दोनों आरोपी जगदलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्र है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी खेमचंद थाना छुरा क्षेत्र ने थाना छुरा में शिकायत दर्ज कराया कि उसे अगस्त 2025 में डाक से एक नॉन बेलेबल वारंट प्राप्त हुआ था। प्रार्थी के अनुसार उसे आरोपी निखिल राज द्वारा झूठे प्रकरण में फंसाकर पैसा ऐठने के नियत से उक्त वारंट भेजा गया था। आरोपी निखिल राज द्वारा प्रार्थी से संपर्क कर धमकी दिया गया कि दो लाख रूपये दे दो नही तो तुमको जेल भिजवा दूंगा। जिससे डर कर प्रार्थी के द्वारा माह अगस्त में ही आरोपी निखिल राज को एक लाख रूपये एवं डाक से प्राप्त नॉन बेलेबल वारंट दिया गया था। इसके पश्चात् आरोपी एवं उसके अन्य साथी चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन द्वारा प्रार्थी से लगातार जेल भेजने की धमकी देते हुए पैसे की मांग करने लगे। प्रार्थी की शिकायत पर थाना छुरा में धारा 308(2) बीएनएस एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। शिकायत पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में थाना छुरा की टीम को अपराधी पतासाजी हेतु रवाना किया गया। इस दौरान आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन को थाना छुरा क्षेत्र से पकड़ा गया। जिसको पकड़कर पुछताछ करने पर उसने बताया कि उसका साथी आरोपी निखिल राज हमसफर ट्रेन से भाग कर झांसी जा रहा है। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल ट्रेन के लोकेशन के आधार पर आरपीएफ. बिलासपुर एवं पेण्ड्रारोड की मदद से आरोपी निखिल राज को टे्रन से गिरफ्तार किया गया। दोनो आरोपीगणों से पुछताछ करने पर उन्होने अपराध करना स्वीकार किया। उन्होने बताया कि वे पूर्व से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी है। बहुत ज्यादा खर्च करने की आदत के कारण भोले भाले लोगों को विभिन्न तरिकों से झांसा देकर पैसा ऐठने का काम वर्ष 2009 से कर रहे है। इस प्रकरण में आरोपी निखिल राज को एक दिन एक कोरा वारंट मिला था। जिस पर उसने अपने साथी चंदन सेन के साथ मिल कर प्रार्थी से अवैध तरीके से पैसा कमाने के उदे्श्य से उक्त वारंट में प्रार्थी का नाम पता लिख कर उसे नॉन बेलेबल वारंट बना कर प्रार्थी के घर के पते पर भेजा था। उसके पश्चात् स्वयं प्रार्थी से संपर्क कर मामला सेटलमेंट करने हेतु प्रार्थी को धमकी देते हुए एक लाख रूपये अवैध तरीके से प्राप्त किया। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 111,318(4),338, 336(3),340,(1)(2) बीएनएस की धारा अपराध में जोड़ी गयी है।
बता दें कि दोनो आरोपियों के विरूद्ध राज्य एवं राज्य के बाहर अलग अलग थानों में धोखाधड़ी के बहुत से अपराध पंजीबद्ध है। दोनो ने वर्ष 2007 में पीएमटी परीक्षा पास किया थे। जिसके बाद दोनो ने मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में एडमिशन लिया था। वही पर दोनो की प्रथम बार मुलाकात हुई थी। इसके बाद बहुत जल्दी बहुत अधिक धन कमाने के लालच में उन्होने लोगो को फर्जी तरिके से पीएमटी परीक्षा पास कराने और उसके एवज में अवैध धन कमाने के उदे्श्य से कुछ लोगों को दुसरे राज्यों से बुलाकर, पीएमटी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के जगह परीक्षा में बैठकर पास कराने का ठेका लेने की शुरूवात करने की सोची। इसी उदे्श्य से वर्ष 2009 के पीएमटी परीक्षा में आरोपीगण द्वारा जिला महासमुंद में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दुसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया गया था। बाद में व्यापम द्वारा इसकी जानकारी होने पर दोनो आरोपीगण सहित 09 लागों पर थाना कोतवाली महासमुंद में सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। इसी प्रकार वर्ष 2010 के पीएमटी परीक्षा में आरोपीगण द्वारा जिला बिलासपुर में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दुसरे अभ्यर्थी को बिठाकर परीक्षा दिलवाया गया था। जिसमें जानकारी होने पर दोनो आरोपीगण सहित 8 लागों पर थाना सरकंडा बिलासपुर में सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन पिता हेमलाल सेन निवासी ग्राम कनसिंघी हाल राजापारा छुरा जो थाना छुरा का निगरानी बदमाश है। उसके विरूद्ध पंजीबद्ध प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है – 01) अप. क्र. 283/2009 धारा 419,468,471,120बी भादवि.थाना कोतवाली,महासमुंद। (पीएमटी परीक्षा केस)
02) अप. क्र. 220/2010 धारा 419,420,468,471,120बी,34 भादवि.थाना सरकण्डा, बिलासपुर। (पीएमटी परीक्षा केस)
03) अपराध क्रमांक 86/2013 धारा 420,34 भादवि. थाना कोतवाली ,जगदलपुर। (पीएमटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 03 लाख रू. की धोखाधड़ी)
04) अपराध क्रमांक 519/2013 धारा 420,406 भादवि. थाना छावनी, दुर्ग। (पीएमटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 19 लाख रू. की धोखाधड़ी)
05) अपराध क्रमांक 61/2015 धारा 4क जुआ एक्ट थाना छुरा, गरियाबंद। 06) अपराध क्रमांक 80/2016 धारा 420 भादवि. थाना छुरा, गरियाबंद। (वार्ड व्वाय नौकरी लगो के नाम पर 55 हजार रू. की धोखाधड़ी)
07) अप. क्र. 109/2016 धारा 420,34 भादवि. थाना फिंगेश्वर, गरियाबंद। (छात्रावास अधीक्षक के नाम पर 1.30 लाख रू. का धोखाधड़ी)
08) अप. क्र. 86/2021 धारा 420,34 भादवि. थाना सिविल लाईन रायपुर। (स्वास्थ्य विभाग मे नौकरी के नाम पर 26.80 लाख रू. का धोखाधड़ी)
आरोपी निलिख राज पिता रणकेन्द्र सिंह महुरानीपुर झांसी उत्तर प्रदेश हॉल पता मेडिकल कॉलेज जगदलपुर का अबतक का ज्ञात अपराधिक रिकार्ड निम्नानुसार है –
01) अप. क्र. 283/2009 धारा 419,468,471,120बी भादवि0 थाना कोतवाली, महासमुंद। (पीएमटी परीक्षा केस)
02) अप. क्र. 220/2010 धारा 419,420,468,471,120बी,34 भादवि.थाना सरकण्डा, बिलासपुर। (पीएमटी परीक्षा केस)
03) अप. क्र. 400/22 धारा 420,406,467,468,471,411,120बी,201 भादवि.थाना सेक्टर-50 गुरूग्राम। (लगभगब 05 करोड़ रू. की धोखाधड़ी) दोनो आरोपी वर्तमान में स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में वर्ष 2007 से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे है। दोनो गिरफ्तार आरोपीगण के विरूद्ध पंजीबद्ध आपराधिक रिकर्ड की जानकारी पृथक से स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से साझा की जायगी। इसके अतिरिक्त दोनो गिरफ्तार आरोपीगण द्वारा अब तक धोखाधड़ी कर अवैध रूप से अर्जित किये गये सम्पत्ति के संबंध में पृथक से जाँच की जायगी।
लोकेश
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