लखनऊ 4 दिसंबर (आरएनएस ) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नशीले कफ सिरप का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और इसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से आगे बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, नेपाल, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तक फैला हुआ है। इस जहरीले सिरप से कई मासूमों की जान जा चुकी है।अखिलेश यादव ने कहा कि इस पूरे सिंडिकेट में मुख्यमंत्री के नजदीकी कई लोग और कुछ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक जिला, एक माफियाÓÓ का काला कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से भी जुड़ा है, जहां अब तक 38 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और स्थानीय माफियाओं के नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री स्वयं इसका संज्ञान लें और केंद्र सरकार कठोर कार्रवाई करे।उन्होंने वाराणसी के सेंट्रल बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की संदिग्ध मौत का भी जिक्र किया, जो एक वर्ष पहले इसी कफ सिरप के कारण हुई थी। उनकी पत्नी द्वारा शिकायत करने के बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने पर उन्होंने सवाल उठाया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल में जाति विशेष के माफिया इस अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये कमा चुके हैं, लेकिन जीरो टॉलरेंस और बुलडोजऱ की नीति यहां कहीं दिखाई नहीं देती। वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर और आजमगढ़ जैसे जिलों में यह कारोबार बड़े लोगों की शह पर चल रहा था।उन्होंने कहा कि अब जब इस मामले में ईडी की एंट्री हो चुकी है, तो यह स्पष्ट है कि देश के दूसरे नंबर के सत्ताधारी नेता की नजरें इस मामले पर टिकी हैं। चर्चाओं के मुताबिक, वाराणसी के पड़ोसी जिले के एक बाहुबली का नाम आने पर केंद्रीय सत्ता के शक्तिशाली नेता सक्रिय हो गए हैं। अभी तक की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कोडीन कारोबार का सरगना शुभम बाहुबली के रिश्तेदारों के साथ एक धंधे में साझेदार था और उसने लगभग 84 करोड़ रुपये निवेश किए थे। शुभम ने उन्हें महंगी गाडिय़ां भी उपहार में दी थीं।एक अन्य मामले में वाराणसी के ही एक बाहुबली के शागिर्द पर आरोप है कि उसने ‘प्रोटेक्शनÓ के नाम पर शुभम से लाखों रुपये महीना और महंगे गिफ्ट लिए। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि इस मामले की जांच बिना पक्षपात के सीबीआई से कराई गई, तो कई सफेदपोश लोगों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।
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