बलरामपुर, 05 दिसंबर (आरएनएस)। जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर पुलिस की सख्ती का असर साफ नजऱ आने लगा है। धारा 185 के तहत की गई कार्रवाई ने एक ओर हादसों में कमी लाई है, वहीं दूसरी ओर नियमों का उल्लंघन करने वालों से करोड़ों का चालान वसूला गया है।
पिछले 11 महीनों में 1,112 ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 1,019 मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। नए मोटर व्हीकल नियमों के तहत शराब पीकर वाहन चलाने पर न्यूनतम 10,000 रुपये जुर्माना निर्धारित है। इस हिसाब से केवल ड्रिंक एंड ड्राइव के ही मामलों से 1 करोड़ 1 लाख 90 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया है।
हादसों में आई कमी
पुलिस की कार्रवाई के असर से सड़क हादसों के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है।
साल 2024 में:
332 सड़क हादसे
203 घायल
222 मौतें
जनवरी से नवंबर 2025 तक:
284 सड़क हादसे
233 घायल
190 मौतें
एएसपी विश्वदीप त्रिपाठी ने बताया कि ड्रिंक एंड ड्राइव पर लगातार कार्रवाई के कारण हादसों एवं मृत्यु के आंकड़े कम हुए हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
शराब की खपत कम नहीं, बल्कि बढ़ गई
हादसे कम हुए हों, लेकिन शराब की खपत में कमी नहीं आई—बल्कि तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में बलरामपुर, राजपुर, वाड्रफनगर, रामानुजगंज और कुसमी सहित कुल पांच मदिरा दुकानें संचालित हैं, जहां हर महीने करोड़ों की शराब बेची जा रही है।
अक्टूबर 2024 की बिक्री:
2,59,93,350
अक्टूबर 2025 की बिक्री:
3,65,86,130
यानी 1,05,92,780 की वृद्धि।
सात महीनों में 6.24 करोड़ की बढ़ोतरी
आबकारी विभाग के अनुसार अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच बिक्री में बड़ी छलांग लगी है—
अप्रैल-अक्टूबर 2024:
18,83,80,250
अप्रैलअक्टूबर 2025:
25,08,67,300
यानी 6,24,89,050 की बढ़ोतरी दर्ज।
जिले में शराब की बिक्री बढ़ रही है, लेकिन शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या पुलिस की सख्ती से घटी है। यानी—
बलरामपुर के लोग सुधर रहे हैं, पर जो नहीं सुधरेज् वे शराब भी पी रहे हैं और करोड़ों का चालान भी भर रहे हैं।
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