0-इंटरनेशनल आईडिया की सदस्य देशों की परिषद के अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया
रायपुर, 05 दिसंबर (आरएनएस)। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री ज्ञानेश कुमार ने आज स्वीडन के स्टॉकहोम में स्वीडिश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स में ‘इनसाइड इंडियाÓज़ डेमोक्रेसीÓ (भारत के लोकतंत्र के भीतर) विषय पर एक गोलमेज चर्चा आयोजित की। इस गोलमेज में स्वीडन की पूर्व विदेश मंत्री, सुश्री एन लिंडे दूसरी वक्ता थीं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कल वर्ष 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनावी सहायता संस्थान की सदस्य देशों की परिषद का अध्यक्ष पद संभाला था। वह आज बाद में स्वीडन का अपना आधिकारिक दौरा समाप्त करेंगे।
भारत की अध्यक्षता एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो दुनिया के सबसे विश्वसनीय और नवीन चुनाव प्रबंधन निकायों में से एक के रूप में भारत निर्वाचन आयोग की वैश्विक पहचान को दर्शाती है। इंटरनेशनल आईडिया के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत ने संगठन के शासन, लोकतांत्रिक विमर्श और संस्थागत पहलों में लगातार योगदान दिया है।
स्टॉकहोम पहुँचने पर, सीईसी ज्ञानेश कुमार का स्वागत स्वीडन में भारत के राजदूत, श्री अनुराग भूषण ने किया। उन्होंने आईडिया के महासचिव, डॉ. केविन कैसास-ज़मोरा के साथ भी चर्चा की।
स्वीडन के स्टॉकहोम में अपने स्वीकृति भाषण में, ष्टश्वष्ट कुमार ने भारत के लोकतांत्रिक अभ्यास के पैमाने पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि भारत में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 900 मिलियन से अधिक मतदाता हैं।
2024 के आम चुनावों पर विचार करते हुए, उन्होंने बताया कि भारत ने एक लुभावनी लोकतांत्रिक झाँकी देखी, जिसमें 6 राष्ट्रीय और 67 राज्य दलों सहित 743 राजनीतिक दलों के 20,000 से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया। इस अभ्यास में 10 लाख से अधिक बूथ स्तर के अधिकारियों और 50 लाख मतदान कर्मियों सहित 20 मिलियन से अधिक चुनाव कर्मियों को शामिल किया गया था।
यह देखते हुए कि भारत ने 1947 में स्वतंत्रता के बाद से संसद के लिए 18 आम चुनाव और राज्य विधानसभाओं के लिए 400 से अधिक आम चुनाव देखे हैं, ष्टश्वष्ट ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े, सबसे विविध और समावेशी आधुनिक लोकतंत्र की सीख ही नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत विरासत में गहराई से निहित लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों को भी सभी के साथ साझा करने की परिकल्पना करता है।
आगे की दिशा की पुष्टि करते हुए, ष्टश्वष्ट ने प्रतिज्ञा की कि भारत की अध्यक्षता निर्णायक, महत्वाकांक्षी और कार्रवाई उन्मुख होगी। अध्यक्ष के रूप में, श्री ज्ञानेश कुमार अपनी अध्यक्षता के लिए भारत के समग्र विषय – समावेशी, शांतिपूर्ण, सुदृढ़ और सतत विश्व के लिए लोकतंत्र – के इर्द-गिर्द परिषद के कार्य का संचालन करेंगे और मुख्य रूप से दो प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, अर्थात् – भविष्य के लिए लोकतंत्र की पुनर्कल्पना और सतत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र एवं व्यावसायिक चुनाव प्रबंधन निकाय।
सीईसी ने यह कहते हुए अपना स्वीकृति भाषण समाप्त किया कि भारत यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि प्रत्येक वोट मायने रखता है, प्रत्येक आवाज मायने रखती है और दुनिया भर के लोकतंत्र अधिक समावेशी, शांतिपूर्ण, सुदृढ़ और सतत बनें। अध्यक्षता में भारत के साथ, मॉरीशस और मैक्सिको वर्ष 2026 के लिए इंटरनेशनल आईडिया परिषद के उपाध्यक्षों के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
आर.शर्मा
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