०अविलम्ब छात्रवृत्ति भुगतान, समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ-साथ छात्रावासो में मलेरिया जांच की पूर्व तैयारी के संबंध में कलेक्टर ने दिए निर्देश
दंतेवाड़ा, 05 दिसंबर (आरएनएस)। कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास दंतेवाड़ा सहित सभी मंडल संयोजक, उप अभियंता और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने आश्रम एवं छात्रावास संचालन, भवन निर्माण, छात्रवृत्ति तिरण, वन अधिकार प्रकरणों तथा मलेरिया मुक्त अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।बैठक के दौरान कलेक्टर ने बताया कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में स्वीकृत 2000 सीटों के विरुद्ध 2000 छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। ऐसे में प्री-मैट्रिक छात्रावासों में रिक्त सीटों पर भी पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाने आवश्यक पहल की जाएगी, ताकि किसी भी छात्र को आवास सुविधा के अभाव में पढ़ाई से वंचित न होना पड़े। उन्होंने इस संबंध में विभागाध्यक्ष को आवश्यक अद्र्धशासकीय पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कहा कि विगत दो वर्षों से लंबित सभी कार्यों को हर हाल में नियत समय पर पूर्ण करने के साथ -साथ कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो ठेकेदार पूर्व में स्वीकृत कार्यों के बावजूद काम नहीं कर पाए हैं, उन्हें पुन: निविदा प्रक्रिया में सम्मिलित कर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को संस्थाओं में बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।कलेक्टर श्री दुदावत ने महाविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में वर्गवार छात्रवृत्ति स्वीकृति की प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 तक पूरी कर ली जाए, जिससे किसी भी छात्र की शिक्षा आर्थिक बाधा के कारण प्रभावित न हो। साथ ही, उन्होंने वन अधिकार प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक 10 दिसंबर को आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने 08 जनवरी से प्रारंभ होने वाले छत्तीसगढ़ मलेरिया मुक्त अभियान की तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सभी आश्रम शालाओं और छात्रावासों में विशेष चिकित्सा दल भेजकर छात्र-छात्राओं की सघन मलेरिया जांच कराई जाएगी। मैदानी अधिकारी इसके के लिए पूर्व तैयारी, कार्ययोजना तैयार कर टीकाकरण एवं उपचार सुनिश्चित करें तथा इस अभियान में किसी भी बच्चे को नजरअंदाज न किया जाए। इस दौरान आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री राजीव नाग सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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