रायगढ़, 5 दिसम्बर (आरएनएस)। राज्य शासन के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी तेजी, पारदर्शिता और सुदृढ़ प्रबंधन के साथ जारी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारियों व सहकारी समितियों की सतत मॉनिटरिंग के कारण खरीदी कार्य ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है। खरीदी केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं और समय पर भुगतान से किसानों में संतोष और उत्साह का माहौल बना हुआ है। धान खरीदी सत्र के 19 दिन पूरे होने पर जिले में अब तक 3,24,834.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें 2,891 सीमांत, 1,661 लघु और 1,486 दीर्घ किसान शामिल हैं, जिन्होंने उपार्जन केंद्रों में धान विक्रय किया है। किसानों को 6,295.71 लाख रुपये का भुगतान जिले में खरीदी गई उपज का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से तेजी से किया जा रहा है। अब तक किसानों के खातों में 6,295.71 लाख रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं। किसानों को समय पर राशि मिलने से आर्थिक मजबूती बढ़ी है और उन्हें कृषि व पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में राहत मिली है। कई किसान इस रकम का उपयोग घर निर्माण, पारिवारिक आयोजनों, बकाया कर्ज चुकाने, कृषि उपकरण, ट्रैक्टर-वाहन खरीदने जैसी जरूरतों में कर रहे हैं। खरीदी केंद्रों के प्रति भरोसा और अधिक बढ़ा है, जिसका असर किसानों के आत्मविश्वास में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। किसानों के चेहरे पर संतोष, खरीदी केंद्रों में सुदृढ़ सुविधाएं धान बेचने आए जामगांव के किसान रोहित ने बताया कि उपार्जन केंद्र में पेयजल, बैठने की सुविधा, बारदाना, हमाल और सटीक तौल मशीन की बेहतरीन व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 5.60 क्विंटल धान बेचा और 13,266.40 रुपये का भुगतान तुरंत उनके खाते में जमा हो गया। इसी तरह ग्राम कुकुर्दा के किसान शुकलांबर ने धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू और लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई और तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन प्राप्त होने से अनावश्यक भीड़ और प्रतीक्षा खत्म हुई। उन्होंने अपने 38.90 क्विंटल धान के बदले 91,917.20 रुपये की राशि प्राप्त होने की जानकारी दी। किसानों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और विश्वसनीय साबित हुई है। 1,257.74 लाख रुपये की ऋण वसूली, 113.1564 हेक्टेयर रकबा समर्पित सहकारी संस्थाओं और बैंकों के नियमों के तहत धान खरीदी में से अब तक 1,257.74 लाख रुपये की ऋण वसूली की जा चुकी है। ऋण समायोजन के बाद बची राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे वित्तीय लेनदेन में पूरी पारदर्शिता बनी हुई है। धान खरीदी सत्र के दौरान 113.1564 हेक्टेयर भूमि रकबा किसानों द्वारा समर्पित किया गया है, जिससे खरीदी के आंकड़ों की सटीकता और सरलता में वृद्धि हुई है। कलेक्टर की सतत निगरानी ने बढ़ाई कार्यक्षमता कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी स्वयं नियमित रूप से समितियों की समीक्षा कर रहे हैं और धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। धान की खरीदी, भौतिक सत्यापन, भुगतान, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। भुगतान की प्रगति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से किसी भी प्रकार की देरी, शिकायत या तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले में धान खरीदी की सुचारू प्रगति और किसानों को समय पर भुगतान ने पूरे कृषि समुदाय में भरोसे और उत्साह का सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
त्रिपाठी
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