खैरागढ़, 06 दिसंबर (आरएनएस)। खैरागढ़ में श्री सीमेंट परियोजना का विरोध करने के लिए सैकड़ों गांवों से हज़ारों की संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर सड़कों पर उतर आये है तथा मामले को लेकर जनसुनवाई रद्द करने की मांग कर रहे है
बता दें कि जिले में श्री सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित सण्डी चूना पत्थर खदान और सीमेंट परियोजना के विरोध में जनआक्रोश अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है। शनिवार को क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से हजारों किसानों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों के विशाल काफिले के साथ छुईखदान की ओर कूच किया।
महिलाएँ, युवा और बुज़ुर्गों की भारी भागीदारी ने इस विरोध प्रदर्शन को अभूतपूर्व बना दिया। किसान हल्ला-बोल रैली को पुलिस ने छुईखदान की सीमा पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसानों का जज़्बा डिगा नहीं। वे पैदल ही आगे बढ़े और एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुँचे।
प्रदर्शनकारी किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मुख्य मांग रखते हुए कहा कि 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द किया जाए।
इस दौरान प्रस्तावित खदान से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 39 गांवों ने आधिकारिक रूप से लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए परियोजना को अस्वीकार कर दिया है।
मामले में सण्डी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ पंचायतों ने अपने ग्रामसभा प्रस्तावों में स्पष्ट कर दिया है कि वे चूना पत्थर खदान को किसी भी कीमत पर अपनी ज़मीन पर नहीं आने देंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि यह खदान खुलती है, तो क्षेत्र के जलस्रोत, कृषि, पशुपालन और पर्यावरण पर गंभीर और अपरिवर्तनीय खतरा उत्पन्न हो जाएगा। वे इसे अपनी आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का संघर्ष मान रहे हैं। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने जनसुनवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि यह पारदर्शी नहीं है और प्रभावित गांवों की वास्तविक राय को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
बढ़ते जनविरोध, पंचायतों की स्पष्ट आपत्तियों और सामाजिक संगठनों के समर्थन के कारण, यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों ने साफ़ संदेश दिया है कि जब 39 गांव औपचारिक रूप से परियोजना को अस्वीकार कर चुके हैं, तो जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं बचता। आंदालोनकारियों ने कहा है कि यदि इन मांगों पर प्रशासन जल्द सहमति नहीं जताता है, तो विरोध प्रदर्शन और भी व्यापक और उग्र रूप ले सकता है।
लोकेश
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