लखनऊ,06 दिसंबर (आरएनएस)। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 50 रूरुष्ठ एसटीपी, लोनियापुरवा के औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही उजागर की। महीनों से परियोजना पूरी तरह ठप पड़ी है, जिसका मुख्य कारण उ.प्र. जल निगम (नगरीय) द्वारा स्थापित 1600 मिमी व्यास की इनलेट पाइपलाइन और संबंधित चैम्बर में लंबे समय से जारी भारी लीकेज बताया गया। इस लीकेज के चलते 19 जून 2025 से एसटीपी पूरी तरह बंद है, जिससे न केवल परियोजना की प्रगति प्रभावित हुई बल्कि आसपास के क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त को बताया गया कि जुलाई 2025 से अब तक उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) के परियोजना प्रबंधक एवं मुख्य अभियंता (गंगा) द्वारा कई बार पत्राचार कर पाइपलाइन की मरम्मत की आवश्यकता से संबंधित विभाग को अवगत कराया गया, परंतु लगातार प्रयासों के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त ने इस विलंब को अत्यंत चिंताजनक और परियोजना की प्रगति के लिए बाधक बताया।स्थल का भौतिक परीक्षण कर नगर आयुक्त ने पाइप एवं चैम्बर में हो रहे रिसाव की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित जीएम जलकल और परियोजना से जुड़ी संस्था रू/ह्य स्ह्वद्ग5 ढ्ढठ्ठस्रद्बड्ड क्क1ह्ल. रुह्लस्र. को तत्काल प्रभाव से लीकेज की मरम्मत शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परियोजना पर्यावरण संरक्षण और शहर की सीवेज व्यवस्था से सीधे जुड़ी है, इसलिए किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य होगी।साथ ही, नगर आयुक्त ने उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) के परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिए कि लीकेज की मरम्मत पूर्ण होने के बाद स्थल पर तकनीकी मानकों के अनुरूप अर्थ फिलिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि कमजोर या गलत पृथ्वी-भराई भविष्य में पाइपलाइन धंसने या दोबारा रिसाव का कारण बन सकती है, इसलिए कार्य की गुणवत्ता पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, जीएम जलकल कुलदीप सिंह, जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता, उ.प्र. जल निगम (नगरीय) एवं (ग्रामीण) के अधिकारी तथा रू/ह्य स्ह्वद्ग5 ढ्ढठ्ठस्रद्बड्ड क्क1ह्ल. रुह्लस्र. के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करने और मरम्मत कार्य की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द सुचारू रूप से पुन: चालू किया जा सके।
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