देहरादून,06 दिसंबर (आरएनएस)। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से केंद्र की सभागार में युवा रचनाकार हेम पंत की ओर से संकलित परंपरागत बाल गीतों की पुस्तक ‘घुघूति बासूतिÓ के पांचवें संस्करण का लोकार्पण किया गया। किताब का लोकार्पण पद्मश्री बसंती बिष्ट, जनकवि डॉ. अतुल शर्मा, डॉ. कमला पंत, विजय भट्ट और हिमांशु कफल्टिया की ओर से किया गया। इस मौके पर बचपन, बालगीत और संस्मरण विषय पर सार्थक चर्चा भी आयोजित की गई। पद्मश्री बसंती बिष्ट ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड में ऐसे अनेक गीत रहे हैं, जिनसे बच्चों का मनोरंजन होता था, साथ ही उन्हें भाषा सीखने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बाल गीत सुनाने पर वे भी उन गीतों को दोहराने लगते हैं और इस प्रकार बच्चे भाषा को जल्दी सीख जाते हैं। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी डॉ. बीके डोभाल द्वारा किया गया। इस मौके पर डॉ. योगेश धस्माना, चन्द्रशेखर तिवारी, प्रवीन कुमार भट्ट, रानू बिष्ट, सुन्दर बिष्ट, आलोक कुमार के बी नैथानी, दयाल पांडेय, कैलाश चन्द्र, देवेन्द्र, एसएस बिष्ट मौजूद रहे।
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