भोपाल,06 दिसंबर (आरएनएस)।मप्र यूथ कांग्रेस के भोपाल (शहरी) जिले में अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद नए रूप में सामने आ गया है। शुक्रवार को राष्ट्रीय नेतृत्व ने कड़ा फैसला लेते हुए भोपाल यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अंकित दुबे को हटा दिया। उनपर अपने आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने के आरोप लगे थे जो जांच में सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर अंकित दुबे को पद से हटाकर उनके स्थान पर अमित खत्री को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। अब उनका भी विरोध शुरु हो गया है। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष अंकित दुबे पर दुष्कर्म के आरोप लगाते हुए कई युवतियों और महिलाओं ने पार्टी कार्यालय के सामने हंगामा किया। राहुल गांधी के नाम का बैनर लेकर कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने मांग की कि उसे खत्री से बचाया जाए।
शनिवार को बड़ी संख्या में युवतियों व महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने अमित खत्री पर दुष्कर्म के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। युवतियों ने एफआईआर की कॉपी भी लहराई। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि दुष्कर्मी अमित खत्री को कार्यकारी जिला अध्यक्ष पद से तुरंत हटाकर पार्टी से निष्कासित किया जाए।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक अमित खत्री पर अनेक आपराधिक केस दर्ज हैं। मारपीट, एससी एसटी एक्ट, धमकी देने जैसे आधा दर्जन केस हैं। यहां तक कि 2022 में दुष्कर्म का केस भी दर्ज हुआ था। गंभीर आपराधिक केस के बावजूद यूथ कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें कार्यकारी जिलाध्यक्ष बना दिया। इसका हम हर स्तर पर विरोध करेंगे।
नेशनल यूथ कांग्रेस ने शुक्रवार को शहर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकित दुबे को तत्काल प्रभाव से हटाने और चुनाव में फर्स्ट रनर-अप रहे अमित खत्री को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया था। यह फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, इसके चंद घंटों बाद नया विरोध सामने आ गया है।
मामले में राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति रंजन और लिलिन प्रसाद भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने शिकायतकर्ता अमित खत्री, और निर्वाचित जिलाध्यक्ष अंकित दुबे दोनों के बयान लिए और सभी संबंधित दस्तावेज व आपत्तियां देखी।
जांच समिति ने करीब एक सप्ताह तक रिकॉर्ड खंगाले और राष्ट्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में कहा गया कि अंकित दुबे के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले लंबित पाए गए, जो संगठन की छवि और नियमों के विरुद्ध हैं। इसके चलते उन्हें अध्यक्ष पद पर बने रहना उचित नहीं है। यही रिपोर्ट उनके हटाए जाने का आधार बनी।
भोपाल यूथ कांग्रेस के चुनाव के दौरान अंकित दुबे पहले स्थान पर आए थे। अमित खत्री दूसरे स्थान (फर्स्ट रनर-अप) पर रहे थे। लेकिन परिणाम घोषित होते ही विवाद खड़ा हो गया।अमित खत्री ने लिखित शिकायत कर आरोप लगाया कि दुबे ने चुनाव नामांकन में अपने लंबित आपराधिक मामलों की सही जानकारी नहीं दी।
कई धाराओं के केस होने के कारण वे पात्रता मानदंड पूरा नहीं करते। जिला संगठन की गतिविधियों में “अनुशासनहीनता और दबाव बनाने” जैसी शिकायतें भी की गईं थीं। इन शिकायतों को देखते हुए राष्ट्रीय समिति ने जांच का निर्णय लिया था।

