ऋषिकेश,07 दिसंबर (आरएनएस)। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का दल रविवार को परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचा। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से भेंट वार्ता कर गंगा आरती में भी शिरकत की। रविवार को अधिकारियों का एक दल सपरिवार परमार्थ निकेतन पहुंचा। जिनमें प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड अर्पणा करन, मुख्य आयकर आयुक्त देहरादून डॉ. रेनुका जैन गुप्ता, प्रधान आयकर आयुक्त कानपुर शेवदान सिंह भदौरिया, त्रिपुरा भवन की रेजिडेंट कमिश्नर सोनल गोयल और सामाजिक कार्यकर्ता के यतीश राजावत शामिल रहे। अर्पणा करन ने कहा कि परमार्थ निकेतन जैसे संस्थान भारत की आध्यात्मिक विरासत का जीवंत उदाहरण हैं। यहाँ का अनुशासन, पवित्रता, साधना और सेवा का वातावरण भीतर से, स्वयं से जोडऩे वाला है। उन्होंने कहा कि “यहां आने पर लगता है कि जैसे मन को नया संबल, ऊर्जा और सकारात्मकता प्राप्त होती है। डॉ. रेनुका जैन ने कहा कि परमार्थ निकेतन ने आध्यात्मिकता को सेवा के साथ जोड़ा है, यह संयोजन ही भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह स्थान केवल ध्यान और पूजा का स्थल नहीं, बल्कि एक जीवन का विद्यालय है जहाँ मानवता की शिक्षा मिलती है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “राजस्व विभाग और प्रशासनिक तंत्र देश के संचालन की रीढ़ है। जब इस तंत्र में कार्यरत व्यक्ति करुणा, ईमानदारी और सेवा भावना के साथ काम करते हैं, तब राष्ट्र की प्रगति स्वाभाविक रूप से तीव्र होती है। उन्होंने अधिकारियों को प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। इस दौरान सभी ने गंगा आरती में सहभाग किया।
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