रायगढ़ ,14 अपै्रल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संगठित नेटवर्क के तहत देशभर के लोगों को शादी के नाम पर झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी। मामले में पुलिस ने केंद्र संचालकों सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोक सेवा केंद्र की आड़ में अपना नेटवर्क चला रहे थे। बाहर से यह केंद्र लाइसेंस और दस्तावेज बनाने का कार्य करते दिखाई देते थे, लेकिन अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर के जरिए ठगी की जा रही थी। गिरोह द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से नकली प्रोफाइल बनाए जाते थे और लोगों से संपर्क कर उन्हें शादी का झांसा दिया जाता था।
इसके बाद गिरोह के सदस्य, जिनमें युवतियां भी शामिल थीं, कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों से बातचीत कर विश्वास जीतते थे और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए पैसे वसूलते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी कपिल गर्ग की लोक सेवा केंद्र की आईडी निरस्त होने के बाद उसने इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहा था।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2022 से अब तक इस गिरोह ने 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाते हुए करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली की है। यह एक सुनियोजित और संगठित अपराध था, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में एडिशनल एसपी, सीएसपी और साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम ने दरोगापारा स्थित केंद्रों पर छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान मौके पर एसडीएम और आरटीओ अधिकारी भी मौजूद रहे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 3 बैंक खातों को जब्त किया है। साथ ही लैपटॉप से फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ और विभिन्न शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहर बनाने के साक्ष्य भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट या दस्तावेज संबंधी सेवा का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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