कोटद्वार,07 दिसंबर (आरएनएस)। कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) के प्लेन रेंज से सटे अमलेसा गांव के डाल्यूंगाज तोक में शुक्रवार शाम बाघ के हमले में महिला उर्मिला देवी की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में गुलदार और बाघ दोनों की धमक बनी हुई है। इस कारण आसपास के गांवों के ग्रामीण शाम होते ही घरों में कैद होने पर मजबूर हैं। रविवार को अमलेसा के प्रधान गजेंद्र पुंडीर सहित आसपास के प्रधानों, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्यों ने बताया कि इससे पहले भी गांव की महिला अनीता देवी पर वन्यजीव ने हमला किया था, जिसके बाद रेंज अधिकारी से इस संबध में आवश्यक उपाय करने की मांग की गई थी। आरोप लगाया कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो उर्मिला देवी की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने प्लेन रेंज के रेंज अधिकारी अमोल ईष्टवाल की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताते हुए एसीएफ अनामिका बुक्करवाल और डीएफओ तरुण एस. से उनके स्थानांतरण की मांग की। कहा कि अधिकारी गांव के आसपास की झाडिय़ां काटने तक की अनुमति नहीं देते, जबकि यह वन विभाग की जिम्मेदारी है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों अशोक कुमार, रघुवीर प्रसाद, विनोद सिंह व राजेंद्र प्रसाद आदि ने बताया कि घटना के बाद अमलेसा, लांगबाड़ी, कुंडियों, सीरुबाड़ी, कलेथा, सिमलसेरा, देवलगढ़, सेंधीखाल, चौकीसेरा सहित अन्य गांवों में दहशत का माहौल है। शाम होते ही लोग घरों में कैद होने पर मजबूर हैं।
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