प्रवाहित होगी समरसता, समर्पण और भक्ति की त्रिवेणी
प्रयागराज 10 दिसंबर (आरएनएस )। प्रयागराज में संगम और उसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता सामाजिक समरसता की स्थली श्रृंगवेरपुर धाम को पर्यटन का हब बनाने की है। दशकों से उपेक्षित पड़े प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम को नई पहचान दी जा रही है। इसे धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान करने के क्रम में यहां अब उत्तर प्रदेश के धर्मार्थ विभाग की तरफ से भव्य विशाल भजन संध्या भवन का निर्माण भी किया जा रहा है जिसकी कार्यदाई संस्था यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड है। संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर संकल्प वर्मा बताते हैं कि श्रृंगवेरपुर में गंगा नदी के तट पर श्रृंगी ऋषि के निकट 23.08 करोड़ की लागत से भजन संध्या भवन का निर्माण किया जा रहा है। परिसर में भजन संध्या के प्रस्तुतीकरण मंच अष्टकोणीय आकार का होगा जिसके ठीक सामने अतिविशिष्ट जन के बैठने का स्थान होगा और उसके दोनों तरफ दो ओपन एयर थियेटर होंगे। परफॉर्मिंग एरिया के ठीक पीछे गंगा नदी के तट पर दो आरती स्थल का निर्माण किया जा रहा है जहां सुबह शाम आरती होगी।
श्रृंगवेरपुर के आसपास का क्षेत्र में निषाद और मछुवारा समुदाय की बाहुल्य आबादी का है जो मूलत: मत्स्य पालन और नदियों में नाव चलाकर अपनी जीविका चलाते हैं। धार्मिक और आध्यत्मिक पर्यटन के साथ श्रृंगवेरपुर को रूरल टूरिज्म का हब बनाने के लिए इसे ग्रामीण पर्यटन के साथ जोड़कर विकसित करने का रोड मैप तैयार किया गया है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में होम स्टे की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके लिए यहां स्थानीय लोगों को अपने यहां मड हाउस या हट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि पर्यटकों को कुछ अलग अनुभव हो सके।
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