प्रयागराज 10 दिसंबर (आरएनएस )। विश्व मानव अधिकार दिवस के अवसर पर इलाहाबाद जनकल्याण समिति द्वारा आज विचार गोष्ठी एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को मानव अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं समान न्याय की अवधारणा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करना रहा।
रैली के दौरान राष्ट्रीय पुरुष आयोग एवं पुरुष मंत्रालय की स्थापना की माँग को लेकर तख्तियों एवं नारों के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष हन्जला उफऱ् सद्दाम हुसैन ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान एवं विभिन्न कानूनों के अंतर्गत महिलाओं को व्यापक अधिकार एवं संरक्षण प्रदान किया गया है। संविधान का अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), शिक्षा, स्वास्थ्य, संपत्ति, मताधिकार, समान वेतन के अधिकार के साथ-साथ घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम जैसे अनेक कानूनी प्रावधान महिलाओं के हित में प्रभावी रूप से लागू हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां महिलाओं के लिए हेल्पलाइन, आयोग तथा विशेष मंत्रालय एवं कानून उपलब्ध हैं, वहीं पुरुषों के अधिकारों के संरक्षण हेतु अब तक कोई स्वतंत्र आयोग या मंत्रालय मौजूद नहीं है। वर्तमान समय में अनेक मामलों में पुरुषों पर कथित रूप से फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की पावन धरती प्रयागराज से संचालित इलाहाबाद जनकल्याण समिति के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप आज राष्ट्रीय स्तर पर पुरुष आयोग की आवश्यकता पर चर्चा प्रारंभ हुई है।
कार्यक्रम का संचालन कृष्णा गोपाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम मुख्य रूप से एडवोकेट हाई कोर्ट फरीदुद्दीन, परशुराम चौहान, मोहम्मद नासिर, यूनुस रियाज, मौअज्जम अंसारी, जुबैर अहमद, मोहम्मद मुस्तकीम, विक्की, अतुल केसरी, जर्राफात खान, अजय यादव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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