रुड़की,10 दिसंबर (आरएनएस)। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को मानवाधिकार विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार ब्यूरो प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट नवीन कुमार जैन के नेतृत्व में कैंप कार्यालय पर इसका आयोजन किया गया। एडवोकेट नवीन जैन ने कहा कि विश्व मानवाधिकार दिवस की शुरुआत 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। भारत में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 12 अक्तूबर 2007 से लागू हुआ। जिसके पहले अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे। उन्होंने कहा कि मानव कल्याण और मूल अधिकारों की सुरक्षा सभी का दायित्व है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुबोध कुमार शर्मा ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अत्याचार, उत्पीडऩ और आतंकित गतिविधियों को रोकने में सहयोग करे। वक्ताओं ने मानवाधिकारों के संरक्षण और कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक पालन का संकल्प लिया। संगोष्ठी में अधिवक्ता सुनील कुमार गोयल, ब्रजेश सैनी, अनुज आत्रेय, नीरज कपिल, सचिन गोंडवाल, राजेश वर्मा, अधिवक्ता हिमांशु, पंकज जैन, अभिनव गोयल, संजय सैनी, मदन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

