सीएम ने गृह मंत्री को ‘दुर्योधनÓ व एनडीए राज को ‘कुशासनÓ करार दिया
समीर दास
नादिया 11 दिसंबर (आरएनएस)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर बीजेपी पर सीधा हमला बोला है। साथ ही उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए उन्हें ‘दुर्योधनÓ करार दिया तो एनडीए सरकार के कामकाज को कुशासन कहकर हमला बोला। नादिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली में कहा, अगर चुनाव के दौरान दिल्ली से पुलिस बुलाकर माताओं और बहनों को डराया-धमकाया जाएगा। अगर आपके नाम वोटर लिस्ट काट दिए जाते हैं तो आप इसे बर्दाश्त न करें। महिलाओं के पास किचन में हथियार है। महिलाएं आगे बढ़कर लड़ेंगी और पुरुष उनके पीछे खड़े होंगे। सीएम ममता ने केन्द्र द्वारा आर्थिक मदद रोके जाने का रोना रोते हुए एसआईआर और गीता पाठ कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। सीएम ममता बनर्जी ने इस बात को जोर देकर राज्य की महिलाओं से कहा कि अगर वोटर लिस्ट की समीक्षा के दौरान उनके नाम हटाए जाएं तो वे रसोई में रखे सामानों के साथ तैयार रहें। सीएम ममता ने कहा कि, मैं देखना चाहती हैं कि कौन अधिक शक्तिशाली है महिलाएं या बीजेपी। मैं सांप्रदायिकता में विश्वास नहीं करती। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती हूं। जब भी चुनाव आते हैं तो बीजेपी पैसे का इस्तेमाल करके और दूसरे राज्यों से लोगों को लाकर जनता को बांटने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा, हम सभी जरूरत पडऩे पर घर पर गीता का पाठ करते हैं। फिर सार्वजनिक सभा का आयोजन क्यों? ईश्वर हृदय में निवास करते हैं, जो अल्लाह से प्रार्थना करते हैं, वे अपने हृदय में ही प्रार्थना करते हैं। रमजान और दुर्गा पूजा के दौरान हम सब मिलकर प्रार्थना करते हैं। जो लोग गीता का शोर मचा रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि भगवान कृष्ण ने क्या कहा था. धर्म का अर्थ है पवित्रता, मानवता और शांति, न कि हिंसा, भेदभाव और विभाजन। सीएम ममता ने बीजेपी की का नाम लिए बगैर कहा कि,, ”क्या अब मुझे दंगाइयों की पार्टी को अपनी नागरिकता साबित करने की जरूरत है?ÓÓ केंद्र सरकार पर बंगालियों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, ”हमारे पास एक केंद्रीय गृह मंत्री हैं, जो सभी बंगालियों को बांग्लादेशी करार देकर उन्हें डिटेंशन सेंटर में भेजने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन हम किसी को भी पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं निकालने देंगे। अगर किसी को जबरन निकाला जाता है तो उसे वापस लाने का तरीका हम बखूबी जानते हैं। ÓÓ ममता बनर्जी ने कहा मैं सांप्रदायिकता में यकीन नहीं करती। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती हूं। जब भी चुनाव आते हैं, बीजेपी जनता को बांटने की कोशिश करती है। ममता ने कहा कि जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, उन्हें यह साबित करना होगा कि वे भारत के नागरिक हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए बीजेपी से जुड़े अधिकारियों को तैनात कर रहा है। पश्चिम बंगाल में स्थिति पर नजर रखने के लिए दिल्ली से बीजेपी समर्थित कुछ लोगों को भेजा जा रहा है। वे एसआईआर की सुनवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेटों के काम की निगरानी कर रहे हैं। ममता ने चेतावनी दी, ” जो बिहार नहीं कर सका, वह बंगाल कर सकता है। आप ईडी, सीबीआई, बीएसएफ, सीआईएसएफ लगा सकते हैं। कोई इन्हें रोक नहीं सकता। लेकिन यह देश के लिए अच्छा नहीं है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सब घर पर गीतापाठ करते हैं। इसके लिए पब्लिक मीटिंग करने का क्या मतलब है? हम साथ में दुर्गा पूजा करते हैं। धर्म का मतलब बंटवारा नहीं है। ममता ने आगे दावा किया कि अगर किसी को बंगाल से निकाला जाता है, तो वह जानती हैं कि उन्हें वापस कैसे लाना है। ममता ने दावा किया कि वह लोग 2029 तक सरकार नहीं चला पाएंगे।
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